बर्मा की राजधानी है नेपिडॉओ

नेपिडॉओ ये नाम है बर्मा की नई राजधानी का.

नेपिडॉओ पुरानी राजधानी रंगून (जिसे हम यंगून के नाम से भी जानते हैं) से 460 किलोमीटर उत्तर में स्थित है.

बर्मा के सैन्य शासन ने 2005 में देश की नई राजधानी का गठन शुरू किया गया हालांकि उस समय इसका कोई आधिकारिक कारण नही दिया गया था पर ऐसा कहा जाता है कि राजधानी बदलने के पीछे तर्क यह था कि रंगून ज्योतिष के हिसाब से शुभ नहीं था.

2007 में बर्मा के सैन्य शासन ने पहली बार बाहरी दुनिया के लिए अपनी नई राजधानी नेपिडॉओ का दरवाजा खोला. सेना दिवस की परेड देखने के लिए पहली बार विदेशी मीडिया के लोगों को नई राजधानी देखने के लिए आमंत्रित किया गया था.

नई राजधानी के नज़दीक पहुँचते ही तंग और ट्रैफिक से भड़ी सड़क अचानक आठ लेन की सड़क में तब्दील हो जाती है.

भव्य राजधानी

सैकड़ों वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में नई राजधानी अपने भव्य रूप में है. इसी नई राजधानी में बेहद भव्य और सुंदर संसद भवन है.

संसद में सेना के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं. ये सदस्य नियुक्त किए जाते हैं.

संसद में सेना के अधिकारी और नागरिक प्रतिनिधि यानी नेता साथ साथ बैठते हैं.

सेना के लिए शहर के पूर्वी हिस्से में किले जैसा परिसर बनाया गया है. बर्मा के सैन्य शासक थान श्वे यहीं रहते हैं.

वर्ष 2006 में सभी सरकारी कर्मचारियों को जबरदस्ती रंगून से नई राजधानी नेपिडॉओ भेज दिया था .उस समय सरकारी कर्मचारियों की शिकायत थी कि नई राजधानी में दुकानों और रेस्तरां की कमी है इसलिए बहुत से लोगों ने तो अपना परिवार यहाँ लाने से इनकार कर दिया.