सऊदी अरब ने ठुकराए सीरिया के आरोप

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Image caption सऊदी विदेश मंत्री ने कहा कि असद समय पाने के लिए दांव पेंच खेल रहे हैं.

सऊदी अरब ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है कि उनका देश बाहर से थोपे गए युद्ध को झेल रहा है.

सऊदी अरब के विदेश मंत्री सऊद अल फैसल ने कहा कि सीरियाई संसद में दिए गए असद के इस बयान का मकसद सिर्फ दुनिया को गुमराह करना है ताकि उन्हें ज्यादा से ज्यादा समय मिल सके.

सीरिया पर पलटवार करते हुए सऊदी अरब ने कहा है कि राष्ट्रपति असद ने संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय दूत कोफी अन्नान की शांति योजना को मंजूर तो कर लिया लेकिन उस पर अमल नहीं कर रहे हैं.

सऊदी विदेश मंत्री ने रविवार को जेद्दाह में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून से मुलाकात की और साझा प्रेस कांफ्रेस में कहा कि असद जो दांव पेंच लड़ा रहे हैं उनका मकसद सिर्फ ज्यादा से ज्यादा समय हासिल करना है.

असद के आरोप

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने सीरिया के हालात को चिंताजनक बताते हुए सीरिया की सरकार से अन्नान की शांति योजना पर अमल करने को कहा है.

सीरिया में 15 महीनों से असद के खिलाफ विद्रोह चल रहा है, लेकिन पिछले महीने हुला शहर में हुए नरसंहार में 100 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद सीरिया पर दबाव में एकदम से इजाफा हो गया है.

हालांकि असद ने इसके पीछे सरकारी सुरक्षा बलों की भूमिका से इंकार किया और अपने देश को विदेशी साजिश का शिकार बताया.

रविवार को सीरिया के संसद में अपने भाषण में उन्होंने कहा, "जब हम इसे आतंकवाद कहते हैं तो अब इससे हमारा मतलब घरेलू राजनीतिक ढांचे से नहीं होता. हम असल मायनों में एक बाहरी युद्ध का सामना कर रहे हैं, और इस युद्ध से निपटना का तरीका घरेलू मुद्दों से निपटने से अलग है. यह बात हमें समझनी होगी."

अमरीकी कोशिशें तेज

सीरिया पर बाहरी युद्ध थोपे जाने के इन आरोपों को न सिर्फ सऊदी अरब ने, बल्कि असद के विरोधियों ने भी खारिज किया है.

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Image caption असद ने सीरिया में जारी विद्रोह को विदेशी साजिश बताया है.

जॉर्डन के राजधानी अम्मान में एक सीरियाई शरणार्थी का कहना है. "वो पुरानी ही बातें दोहरा रहे हैं: षडयंत्र, हथियारबंद गुट, विदेशी आतंकवाद और विदेशी मदद. उन्होंने कुछ नहीं बदला है. वे इसे सिर्फ संकट मानते हैं जबकि यह एक क्रांति है. पर वे जानते हैं कि उन्हें सत्ता छोड़ने ही होगी."

दूसरी तरफ विश्व मंच पर सीरिया पर दबाव बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं. अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने रविवार को रूसी विदेश मंत्री सेरगेई लावरोव से फोन पर बात की और असद की सत्ता से विदाई में सहयोग मांगा.

रूस और चीन असद के समर्थक माने जाते हैं और वे घोषणा कर चुके हैं कि सीरिया के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र परिषद किसी भी नए कदम का विरोध करेंगे. सीरिया का विद्रोह अब तक कम से कम 13,000 लोगों की जान ले चुका है.

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