ऐसा हत्याकांड तो शैतान भी न करे: असद

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सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने कहा है कि उनका देश आंतरिक समस्या से नहीं बल्कि बाहरी युद्ध से जूझ रहा है क्योंकि सीरिया इसराइल के खिलाफ अभियान का समर्थन करता है.

उन्होंने इस बात से इनकार किया कि हूल नरसंहार में सरकारी सैनिकों का हाथ था.

25 और 26 मई के दरमियान हुए हमले में 100 से ज्यादा लोग मारे गए थे जिसमें बच्चे भी शामिल थे. ज्यादातर लोगों को पास से गोली मारी गई थी.

टीवी पर प्रसारित हुए संदेश में राष्ट्रपति असद ने कहा, “हूला और सीरिया के बाकी के हिस्सों में जो हुआ वो ऐसा जघन्य हत्याकांड है जो कोई शैतान भी न करे.”

संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने सीरिया में आ रही फूट के लिए विदेशी ताकतों को जिम्मेदार ठहराया. उनका कहना था, “चरमपंथियों को बाहरी ताकतों की मदद मिल रही है और वो सीरिया में अशांति और फूट डाल रहे हैं. सीरिया की संप्रभुता को कमजोर करने की कोशिश हो रही है.”

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ज्यादातर हत्याएँ सरकार समर्थक मिलिशिया ने कीं.

इस हत्याकांड की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हुई थी. कई देशों ने विरोध स्वरूप सीरियाई राजदूतों को निष्कासित कर दिया था.

समस्या के हल पर असद का कहना था, “समस्या को सुलझाने के लिए सिर्फ राजनीतिक बातचीत ही एकमात्र हल है. पर मैं ऐसे लोगों के साथ बात नहीं करूँगा जो सीरियाई लोगों की इच्छा का प्रतिनिधित्व नहीं करते.”

शनिवार को सीरिया में फिर हिंसा हुए. ब्रिटेन की सीरियन ऑब्जरवेटरी फॉर ह्मूमन राइट्स के मुताबिक 57 सैनिकों समेत 89 लोग मारे गए हैं.

मार्च 2011 में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरु होने के बाद किसी एक दिन में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं.

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