जंग से अधिक खुदकुशी से मरते अमरीकी सैनिक

Image caption वर्ष 2012 के आरंभ से आत्महत्याएं फिर से बढ़ने लगीं हैं.

इस साल की शुरुआत से अब तक जितने अमरीकी सैनिक युद्ध में मारे गए हैं उससे अधिक ने आत्महत्या कर ली है.

अमरीकी सेना भले ही इराक में युद्ध बंद कर चुकी है और अफगानिस्तान में बंद करने जा रही हो लेकिन उसके सैनिकों में तनाव बढ़ता ही जा रहा है.

एक जानकारी के अनुसार 3 जून तक अपने कार्य के दौरान आत्महत्या करने वाले की संख्या 154 तक पहुँच गई. जबकि इस समयावधि में पिछले साल यह संख्या 130 थी.

यह संख्या लड़ाई के दौरान मारे जाने वाले अमरीकी सैनिकों की संख्या से अधिक है.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा " हम सेना में आत्महत्याओं को लेकर अत्यधिक चिंतित हैं और यह हमारी प्राथमिकता सूची में काफ़ी ऊपर है."

हेल्पलाइन शुरू

इन आत्महत्याओं के पीछे को स्पष्ट कारण नहीं समझ आ रहा है. रक्षा मंत्रालय यह तो बता पा रहा है कि वो सैनिक जो एक से अधिक बार युद्ध के क्षेत्रों में भेजे गए हैं उनके द्वारा आत्महत्या करने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. लेकिन आत्महत्या करने वालों में ऐसे भी सैनिक हैं जो कभी युद्ध क्षेत्रों में गए ही नहीं.

साल 2010 और 2011 के बीच में सेना में आत्महत्या कम हो रही थे लेकिन 2012 के आरंभ से आत्महत्याएं फिर से बढ़ने लगीं हैं.

पहले से ही आत्महत्याओं से चिंतित अमरीकी सेना अपने सैनिकों को प्रोत्साहित करने में लगी रहती है कि तनाव की हालत में वो मानसिक चिकित्सकों की मदद लेने से ना हिचकें.

तनाव ग्रस्त सैनिकों के लिए टेलीफ़ोन के ज़रिये हेल्पलाइन भी आरंभ की गई हैं साथ ही युद्ध क्षेत्रों के नज़दीक और अधिक तादाद में मानसिक स्वास्थ्य विशषज्ञों को तैनात किया गया है.

पर सेना के अध्ययन के अनुसार बहुत से सैनिक यह मानते हैं कि डॉक्टरों की मदद लेना कमजोरी के तौर पर देखा जाएगा.

सेना का दायित्व

पिछले महीने मेजर जनरल दाना पिटार्द को आत्महत्याओं से जुड़े एक विवाद के कारण अपना एक ब्लॉग वापस लेना पड़ा था. अपने ब्लॉग में पिटार्द ने कहा था कि आत्महत्या के बारे में विचार कर रहे सैनिकों को "वयस्कों की तरह" बर्ताव करना चाहिए.

पिटार्द ने सैनिकों को विशेषज्ञों की मदद लेने को भी कहा था लेकिन सेना के कई लोगों को उनकी बात पसंद नहीं आई.

सेना के वरिष्ठतम अधिकारियों में से एक जनरल मार्टिन डेम्पसे ने सार्वजिक रूप से उनके ब्लॉग की निंदा की थी.

पेंटागन के प्रवक्ता ने बीबीसी से बात करते हुए कहा "आत्महत्याओं को रोकना सबसे पहले सैन्य नेतृत्व की ज़िम्मेदारी है.

इस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मदद मांगना कमजोरी का नहीं ताकत का प्रतीक है.

संबंधित समाचार