इस जंगल का राजा 'हाथी' है

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Image caption श्रीलंका के उत्तर-मध्य प्रांत में हाथियों और इंसानों के बीच अक्सर झड़प की घटना होती रहती है.

श्रीलंका में अधिकारियों ने एक ऐसा खास इलाका स्थापित करने की घोषणा की है जहां कष्टप्रद और बिगड़े स्वभाव वाले हाथियों को तब तक रखने की सुविधा होगी जब तक कि उनकी आदतें सुधर नहीं जाती.

श्रीलंका में बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैवीलैंड के अनुसार ये 'खास जगह' श्रीलंका के उस हिस्से में बनाई जाएगी जहां हाथियों और किसानों के बीच संघर्ष होना आम बात है.

ये जगह सीमित क्षेत्र का एक छोटा सा टापू है जिसमें जगह हासिल करने के लिए अक्सर इंसानों और हाथियों के बीच झड़प होती रहती है.

इस इलाके में अक्सर इस तरह की त्रासदी होती है, जिसमें हर साल दर्जनों लोगों और 200 से ज्यादा हाथी मारे जाते हैं.

ये झड़पें आमतौर पर श्रीलंका के उत्तर-मध्य प्रांत में घटती हैं जहां अब इन जानवरों को ये खास सुविधा देने का फैसला किया गया है. इस व्यवस्था को स्थानीय अखबारों ने हाथियों का सुधार-गृह नाम दिया है.

तात्कालिक उपाय

लेकिन पर्यावरणविद जगथ गुणवर्धना के अनुसार इस जगह को कष्टप्रद हाथियों को रोककर रखने की जगह कहना ज्यादा सही होगा क्योंकि,'' इनमें कुछ ऐसे पुरुष हाथी शामिल हैं जो किसी झुंड का हिस्सा नहीं होते और जो कई बार अपने ही परिवार के अन्य सदस्यों तो कई बार मनुष्यों के प्रति हिंसक हो जाते हैं.''

ऐसी स्थिति में झुंड से किसी एक हाथी को हटाने की नौबत आ जाती है.

गुणवर्धना कहते हैं कि,''ऐसे हाथियों के लिए अलग से स्थान विकसित करना समस्या का स्थाई समाधान ना होकर जल्दबाजी में किया गया एक तात्कालिक उपाय है. ये जगह 1200 एकड़ में बनाई जाएगी जिसके चारों तरफ लोहे और बिजली के तार लगे होंगे, जो इन हिंसक पशुओं की आवाजाही को एक सीमित दायरे में बांध देगी.''

श्रीलंका के एक और पर्यावरणविद श्रीलाल मित्थापाला के मुताबिक, ''इस व्यवस्था का उद्देश्य इन जानवरों को अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए वैसा ही वातावरण देने और उन्हें शांत जीवन का आदि बनाने जैसा है.''

इस तरह से इन जानवरों को दोबारा खुले में छोड़े जाने लायक बनाने में महीनों का समय लग सकता है.

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