सीरिया बोसनिया जैसे सांप्रदायिक हत्याओं की ओर: ब्रिटेन

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Image caption सीरियाई राजधानी दमिश्क में विद्रोहियों के हुए हमलों को ताजा खबरें आ रही हैं

सीरिया में खराब होती स्थिति की तुलना ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग ने 1990 के दशक में बोसनिया से की है.

विलियम हेग ने कहा है कि सीरिया गृह युद्ध और बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हत्याओं की ओर बढ़ रहा है और ऐसी स्थिति में अंतरराष्ट्रीय सैन्य हस्तक्षेप की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि ये नहीं पता कि वहाँ स्थिति क्या मोड़ लेगी.

गौरतलब है कि सीरिया की राजधानी दमिश्क से विपक्षी लड़ाकों और सीरियाई सरकार की सेना के बीच भीषण झड़पों की जानकारी मिल रही है.

शुक्रवार को एक बिजली सप्लाई केंद्र पर हमला हुआ जिससे राजधानी के कई इलाकों में अधेरा छा गया. एक बस पर भी हमला हुआ जिसमें तेल कारखाने में काम करने वाले रूसी कर्मचारी सवार थे.

दमिश्क में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि फ्री सीरियन आर्मी की ओर से किए गए इन हमलों के बारे में चौंकाने वाली बात यह थी कि पूर्व में मुकाबले में ये हमले बहुत बेहतर नियोजित और सटीक थे.

'सैन्य हस्तक्षेप की संभावना खारिज नहीं'

ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा है कि सीरिया में स्थिति बहुत तेजी से खराब हो रही है. उन्होंने रूस से कहा है कि वह सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद के साथ अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए इस विस्फोटक स्थिति का हल खोजे.

बीबीसी संवाददाता जॉन मैकमानुस का कहना है, "ब्रितानी विदेश मंत्री का सीरिया की वर्तमान स्थिति के संदर्भ में बोसनिया का उदाहरण देना बहुत महत्वपूर्ण है. हेग की टिप्पणी सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप की संभावना पर आई है."

गौरतलब है कि तत्कालीन यूगोस्लाविया के विघटन के बाद बोसनिया-हर्जीगोविना क्षेत्र में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी और क्षेत्र में सक्रिय सेनाओ और सशस्त्र गुटों ने मानवाधिकारों का हनन और हत्याएँ की थी.

नेटो की सेनाओं ने इस स्थिति में हस्तक्षेप किया था और खासी बमबारी के बाद वहाँ शांति समझौता हुआ था. अनुमान है कि बोसनिया-हर्जीगोविना में लगभग एक लाख लोग मारे गए थे.

सीरिया के संदर्भ में विलियम हेग ने कहा, "हमें ये पता नहीं है कि इस स्थिति में आगे क्या मोड़ आएगा या फिर ये और कितनी भयावह बनेगी. और मैं खास तौर पर समझता हूँ कि इसकी तुलना पिछले साल की लीबिया की स्थिति से नहीं बल्कि 1990 के दशक से बोसनिया से की जानी चाहिए. हम वहाँ उस तरह की व्यापक सांप्रदायिक हिंसा की ओर बढ़ रहे हैं. इसलिए क्या कहा जा सकता है, यदि ऐसा चलता रहता है तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उस स्थिति का सामना करने के लिए क्या करना पड़े?"

ब्रितानी विदेश मंत्री ने रूस के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के प्रस्ताव का स्वागत किया ताकि काफी अन्नान की शांति योजना को आगे बढ़ाया जा सके.

गौरतलब है कि रूस और चीन पूर्व में दो बार सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को वीटो कर चुके हैं.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार हेग ने कहा कि यदि सीरिया में हिंसा को बंद करना असंभव हो जाता है तो ब्रिटेन दोबारा सुरक्षा परिषद के पास जाएगा ताकि और कदम उठाए जा सकें और इसमें उसे सीरिया के पड़ोसियों से उम्मीद होगी कि वे राष्ट्रपति असद को अलग-थलग करने में मदद करें.

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