इंटरनेट पोर्न से सेक्स को लेकर हिंसक हो रहे हैं बच्चे: रिपोर्ट

 बुधवार, 13 जून, 2012 को 11:25 IST तक के समाचार

ताजा जांच के अनुसार ब्रिटेन में कोई ऐसा गांव, शहर, कस्बा नहीं है जहां पर बच्चों का यौन शौषण न हो रहा हो

ब्रिटेन में छोटी उम्र के बच्चों में सेक्स का एक घिनौना सच सामने आया है. बच्चों के कल्याण के मामलों की उपायुक्त सू बेरलोविज ने इस मामले में गहन शोध ब्रिटेन के सांसदों के सामने रखा है.

इसमें जिक्र है कि 13 साल तक की लड़कियों को काम वासना मिटाने के लिए लंबी कतार में खडे़ लड़कों को संतुष्ट करना पड़ता है.

सू ने दो साल तक बेहद गोपनीय ढंग से अपनी जांच को पूरा किया है.

सांसदों को सौंपे दस्तावेजों में सू ने कहा, “लंदन में ऐसी कई जगह हैं जहां पर बच्चों से सामूहिक मुख मैथुन होता है. बच्चों के साथ ठीक वैसा ही किया जा रहा है जैसा कि पोर्न फिल्मों में होता है.”

सू ने बताया, “लंदन में ही कई ऐसे हिस्से हैं जहां पर 11 साल तक की लड़कियों को लाइन लगा कर खडे़ लड़कों के साथ दो घंटे तक मुख मैथुन करना पड़ता है ”

गृह मंत्रालय की स्थाई समिति के सामने सू ने दावा किया है कि कोई ऐसा गांव, शहर या कस्बा नहीं है जहाँ पर बच्चों का यौन शौषण न हो रहा हो.

इंटरनेट

सू ने इसके लिए इंटरनेट को सबसे बड़ा कारण बताया है. उनके शोध के अनुसार बच्चे इंटरनेट के कारण सेक्स को लेकर हिंसक हो रहे है.

सू के अनुसार, “यह आम है कि लड़कियों से चैट रूम पर दोस्ती करके मिलने के लिए बुलाया जाता है. फिर पार्क में उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया जाता है. इसके बाद लड़कों का दूसरा गुट पीड़ित लड़की को पार्क के किसी दूसरे कोने में ले जाकर फिर से सिलसिलेवार बलात्कार करता है.”

"पूरे देश में बच्चों के साथ गलत हो रहा है. देश के एक बेहद ही खूबसूरत ग्रामीण इलाके में व्यापक जांच करने वाले एक पुलिस अधिकारी ने मुझे बताया कि कोई ऐसा गांव,शहर, कस्बा नहीं है जहां पर बच्चों का यौन शौषण न हो रहा हो"

बाल कल्याण उपायुक्त सू बेरलोविज

सू ने तर्क दिया कि इंटरनेट के कारण बच्चों के लगता है कि यह सब सामान्य बातें है. वे पोर्न फिल्मों की तरह सीन कर रहे हैं. लड़कों के ऐसे गैंग लड़कियों के खिलाफ यौन हिंसा कर रहे हैं. यह सब काफी डरा देने वाला है.

उन्होंने कहा कि ऐसे सिस्टम की जरूरत है जिसके तहत इंटरनेट प्रोवाइडर कंपनियां पोर्न साइट को ब्लॉक करके रखें जब तक कि माता-पिता खुद ऐसी सेवा की मांग न करें. यही इस लगातार बढ़ रही बुराई को रोकने की ओर एक कदम होगा.

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ इंटरनेट पर लगाम से ही काम नहीं चलेगा क्योंकि बच्चों को उनके मोबाइल पर निशाना बनाया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “पूरे देश में बच्चों के साथ गलत हो रहा है. देश के एक बेहद ही खूबसूरत ग्रामीण इलाके में व्यापक जांच करने वाले एक पुलिस अधिकारी ने मुझे बताया कि कोई ऐसा गांव,शहर, कस्बा नहीं है जहां पर बच्चों का यौन शौषण न हो रहा हो. ”

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.