अमरीकी अदालत में भारतीय मूल के जज

Image caption भारत के चंडीगढ़ में जन्में श्रीकांत श्रीनिवासन बचपन में ही अपने परिवार के साथ अमरीका आकर कैनसस राज्य के लॉरेंस शहर में बस गए थे

अमरीका में एक भारतीय मूल के अमरीकी को केंद्रीय अदालत में जज के पद पर नियुक्ति के लिए नामांकित किया गया है. यह पहला मौका है जब किसी दक्षिण एशियाई को अमरीका की किसी केंद्रीय अदालत के जज के पद के लिए मनोनीत किया गया है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारतीय मूल के एक अमरीकी श्रीकांत श्रीनिवासन को डी सी सर्किट कोर्ट ऑफ़ अपील्स का जज मनोनीत किया है.

पैंतालीस वर्षीय श्रीकांत श्रीनिवासन फिलहाल ओबामा प्रशासन में उप सॉलिसिटर जनरल के पद पर काम कर रहे हैं.

श्रीकांत श्रीनिवासन के इस पद के लिए नामांकन के बाद अब अमरीकी सीनेट इनके नामांकन को मंज़ूर करेगी, तब ही उनकी नियुक्ति होगी.

भारत में जन्में

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने श्रीकांत श्रीनिवासन और एक अन्य अमरीकी कैटलिन हेलेगन को डीसी सर्किट कोर्ट में जज के पद के लिए नामांकित करते हुए कहा, ''श्रीनिवासन और हेलेगन अपने बेहतरीन अनुभव, बुद्विमता और एकाग्रता से डीसी कोर्ट ऑफ़ अपील्स को फ़ायदा पहुंचाएंगे. यह देश की बहुत महत्वपूर्ण अदालत है. श्री श्रीनिवासन इस पद पर अहम किरदार निभाएंगे और इस अदालत में बेहतरीन काम अंजाम देंगे.''

अमरीकी कानून के तहत अमरीका में केंद्रीय अदालतों के जजों की नियुक्ति अमरीकी राष्ट्रपति ही करता है और उस नियुक्ति के लिए सेनेट की मंज़ूरी भी लेनी पड़ती है, जिसके तहत मनोनीत जज को सीनेट की न्याय समिति के समक्ष पेश होकर उनके सवालों के जवाब देने होते हैं.

उसके बाद समिति के नौ सदस्य बहुमत से अगर मंज़ूरी दे दें तो सीनेट के पूरे सदस्यों द्वारा मतदान के ज़रिए भी जज को नियुक्ति के लिए बहुमत से मंज़ूरी हासिल होना ज़रूरी है.

अमरीका में अपील्स कोर्ट मध्यम दर्जे या बीच की अदालत मानी जाती है यानी सबसे निचली अदालत के फैसलों पर अपील होती है तो उन्हें इन्ही अपील्स कोर्टस में सुना जाता है और इसके बाद अमरीकी सुप्रीम कोर्ट में मामला जाता है.

श्रीकांत श्रीनिवासन पहले दक्षिण एशियाई हैं जिन्हें किसी कोर्ट ऑफ़ अपील्स के जज के पद के लिए नामांकित किया गया है.

भारत के चंडीगढ़ में जन्में श्रीकांत श्रीनिवासन बचपन में ही अपने परिवार के साथ अमरीका आकर कैनसस राज्य के लॉरेंस शहर में बस गए थे. फिर उन्होंने सेनफ़र्ड विश्वविद्यालय से कानून और एमबीए की डिग्रियां हासिल कीं.

दक्षिण एशियाई लोगों में खुशी

श्रीकांत श्रीनिवासन ने कई सालों तक अमरीकी सुप्रीम कोर्ट सहित कई अदालतों में वकील की हैसियत से काम किया है.

वर्ष 2002 से उन्होंने अमरीकी सॉलिसिटर जनरल के सहायक के तौर पर भी काम किया.

वर्ष 2003 में उन्हें अटार्नी जनरल पुरस्कार से और वर्ष 2005 में रक्षा मंत्री के दफ़्तर के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया.

इसके अलावा श्रीकांत श्रीनिवासन ने कुछ वर्षों तक निजी क्षेत्र की ओमेलवेनी एंड मायर्स कंपनी में भी काम किया.

श्रीकांत श्रीनिवासन की इस अहम नियुक्ति के लिए नामांकन से अमरीका में दक्षिण एशियाई लोगों में खुशी है.

उत्तरी अमरीकन दक्षिण एशियाई बार एसोसिएशन जिसमें श्रीकांत श्रीनिवासन भी सलाहकार थे, ने उनके इस नामांकन पर खुशी का इज़हार करते हुए कहा कि दक्षिण एशियाई मूल के अमरीकियों की कानूनी क्षेत्र में अधिक नियुक्तियों की वह लंबे अरसे से मांग करते रहे हैं.

उत्तरी अमरीकन दक्षिण एशियाई बार एसोसिएशन ने बयान जारी कर कहा, ''उत्तरी अमरीकन दक्षिण एशियाई बार एसोसिएशन को गर्व है कि राष्ट्रपति ओबामा ने दक्षिण एशियाई मूल के लोगों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की अहम ज़रूरत को समझते हुए श्रीकांत श्रीनिवासन को जज के पद के लिए चुना है. हम उनका भरपूर समर्थन करते हैं.''

श्रीकांत श्रीनिवासन ने हार्वर्ड लॉ स्कूल में लेक्चरर की हैसियत से भी काम किया है जहां वह सुप्रीम कोर्ट और अपील्स कोर्ट के विषयों पर पढ़ाते थे.

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