असांज की प्रत्यर्पण अपील फिर खारिज

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Image caption असांज को आशंका है कि स्वीडन उन्हें अमरीका भेज सकता है जहाँ उनपर मुकदमा चल सकता है

ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत ने विकीलीक्स संस्थापक जूलियन असांज की उस अपील को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने खुद को स्वीडन प्रत्यर्पित करने के अदालत के फैसले को चुनौती दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने 30 मई को उन्हें स्वीडन प्रत्यर्पित करने के आदेश को मंज़ूरी दे दी थी जहाँ उनपर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं.

असांज के वकीलों ने इस आदेश को चुनौती दी थी लेकिन अदालत ने ये कहते हुए इसे रद्द कर दिया कि इसमें कोई आधार नहीं है.

वैसे असांज अभी यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय में भी अपील कर सकते हैं.

उनका प्रत्यर्पण अभी एक पखवाड़े के लिए टाल दिया गया है.

असांज के वकीलों ने उनके प्रत्यर्पण का ये कहते हुए विरोध किया था कि स्वीडन के आग्रह पर जारी किया गया यूरोपीय गिरफ्तारी वारंट अमान्य है.

असांज पर स्वीडन में यौन दुर्व्यवहार के तीन आरोप लगाए गए हैं जिनमें एक आरोप कथित बलात्कार का भी है.

स्वीडन पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया हुआ है.

40 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिक असांज अपने को निर्दोष बताते हैं और कहते हैं कि उनपर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.

आशंका

असांज का कहना है कि विकीलीक्स पर पिछले साल अमरीकी राजनयिकों की बातचीत के हज़ारों गोपनीय दस्तावेज़ों के लीक करने के कारण ही उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.

असांज के वकील कहते रहे हैं कि उनके मुवक्किल पर लगाए गए आरोप प्रत्यर्पण की श्रेणी में नहीं आते और उन्हें स्वीडन भेजे जाने से उनके मानवाधिकार का उल्लंघन होगा.

असांज को ये डर है कि उन्हें स्वीडन भेजे जाने से अंततः उन्हें अमरीका भेजा जा सकता है जहाँ उनपर विकीलीक्स से जुड़े हुए दूसरे आरोप लगाए गए हैं जिनके लिए उन्हें मौत की सज़ा तक हो सकती है.

जूलियन असांज को 2010 में ब्रिटेन में स्वीडन पुलिस के वारंट के बाद गिरफ़्तार किया गया था.

बाद में उन्हें ज़मानत मिली और उसके बाद से वे ब्रिटेन में नॉरफ़ोक फ़ार्महाउस में 10 कमरों वाले एक घर में रहते हैं.

ज़मानत की शर्तों के तहत उन्हें एक इलेक्ट्रॉनिक पट्टा पहनना होता है और रोज़ नज़दीक के पुलिस स्टेशन पर हाज़िरी देनी होती है.

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