ग्रीस में अहम चुनाव, मतदान जारी

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Image caption ग्रीस के कई लोग लागू कड़े नियमों से नाखुश हैं

यूरोज़ोन में ग्रीस का भविष्य तय करने वाले महत्वपूर्ण संसदीय चुनाव का मतदान शुरू हो चुका है.

ग्रीस के संसदीय चुनाव में दो प्रमुख प्रतिभागी दक्षिणपंथी न्यू डेमोक्रेसी और वामपंथी सिरीज़ा के बीच गतिरोध इस बात को लेकर है कि वित्तीय मदद के लिए यूरोपीय संघ की कड़ी शर्ते मानी जाए या इसे सिरे से खारिज कर कल्याणकारी योजनाओं में खर्च बढ़ाया जाए.

मतदान से पहले चुनावी सर्वे किए जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन अनाधिकृत सर्वे का कहना है कि चुनाव में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है.

यूरोपीय नेताओं का कहना है कि अगर ग्रीस इस समझौते को खारिज कर देता है तो उसे यूरोजोन से बाहर जाना होगा.

छह हफ्तों में दूसरी बार चुनाव इसलिए करवाने पड़ रहे हैं क्योंकि छह मई का चुनाव अनिर्णायक रहा था.

दुनियाभर की नज़र

रविवार के वोट पर दुनिया भर की निगाहें होंगी. अगर ग्रीस यूरोजोन से बाहर जाता है तो इसका असर दूसरे यूरोजोन देशों पर पड़ेगा और वैश्विक अर्थव्यस्था के लिए खतरें बढ़ेंगे.

ग्रीस को दिए गए दो आर्थिक पैकेजों के अनुसार उसे कड़े नियमों का पालन करना था. ग्रीस के कई लोग इन नियमों से नाखुश हैं.

ग्रीस को दिया गया पहला पैकेज 138 अरब डॉलर का था जबकि पिछले साल दिया गया दूसरा पैकेज 130 अरब यूरो का था.

यूरोजोन के सबसे शक्तिशाली देश जर्मनी ने कहा है कि ग्रीस को इन कड़े नियमों का पालन करना ही होगा.

वोट से पहले जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा, “ये बहुत जरूरी है कि ग्रीस के चुनाव में ऐसे नतीजे सामने आएँ जिसमें सरकार बनाने वालें कहें कि वो अपने वायदों को निभाएँगे.”

ग्रीस की अंदरूनी राजनीति

उधर न्यू डेमोक्रेसी प्रमुख एंटोनिस समारास ने समर्थकों को कहा है कि वो ग्रीस को यूरोजोन में रहते हुए भी आर्थिक संकट से बाहर ले जाएंगे.

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Image caption सिरीजा प्रमुख एलेक्सिस सिप्रास आर्थिक बेलआउट पैकेज को अस्वीकार करते हैं

वोट से पहले ग्रीस के लोगों ने संसद के बाहर यूरो 2012 में अपनी टीम की सफलताओं पर जश्न मनाया.

समारास ग्रीस को मिल रहे पैकेज को करीब-करीब स्वीकारते हैं लेकिन उन्होंने कहा कि वो कड़े नियमों पर अन्य देशों से बातचीत करके ग्रीस के लिए बेहतर नियमों लागू करवाने पर काम करेंगे.

उन्होंने कहा, “हम इस संकट से निकलेंगे. हम यूरो से बाहर नहीं जाएँगे. हम किसी को भी भी खुद से यूरोप से बाहर नहीं निकालने देंगे.”

उधर सिरीजा प्रमुख एलेक्सिस सिप्रास आर्थिक बेलआउट पैकेज को अस्वीकार करते हैं लेकिन वो चाहते हैं कि ग्रीस यूरोजोन में ही रहे.

वो कहते हैं कि ग्रीस पर लागू किए गए कड़े नियमों के बिना भी बेलआउट संभव है.

बीबीसी यूरोप संपादक गैविन ह्यूइट कहते हैं कि रविवार को ग्रीस के चुनाव महीने के अंत में ब्रसल्स में होने वाली बैठक के दौरान यूरोपीय नेताओं के लिए मुश्किल सवाल पैदा कर सकते हैं.

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