फिर निकालीं गईं घर में कैद 'दो बहनें'

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Image caption नीरजा और ममता दोनों बहनों ने पिछले कई सालों से घर से निकलना छोड़ दिया था

दिल्ली के रोहिणी इलाके से शनिवार को दो बहनों को उनके घर से बाहर निकाला गया.

इन दोनों बहनों ने पिछले कई सालों से खुद को घर में बंद कर रखा था और लोगों से मिलना-जुलना छोड़ दिया था.

इन दोनों बहनों की उम्र 40 और 29 साल के आसपास है.

इन्हें इनके घर से तब बाहर निकाला गया जब इनसे मिलने गए इनके एक रिश्तेदार ने कैट्स यानि सेंट्रालाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विस के दफ्तर में फोन कर इसकी जानकारी दी.

सूचना दिए जाने के बाद इन बहनों के घर पहुंची कैट्स की पैरा मेडिकल टीम ने दोनों बहनों को घर से निकालकर बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया है.

डॉक्टरों के मुताबिक दोनों बहनों में से बड़ी बहन ममता की हालत काफी नाज़ुक है जबकि छोटी बहन नीरजा भी गंभीर अवस्था में है.

ममता बेहोशी की हालत में पायी गई है जबकि नीरजा होश में है.

मिलती-जुलती कहानी

इस घटना ने एक बार फिर से पिछले साल नोएडा के एक घर से निकाली गईं दो बहनों की घटना की याद ताज़ा कर दी है.

फर्क सिर्फ इतना है कि नोएडा में रह रहीं दोनों बहनें अकेली थीं लेकिन रोहिणी के इस घर में ममता और नीरजा के साथ उनकी 70 साल की मां निर्मला गुप्ता और ममता का 13 साल का बेटा शुभम भी साथ रहते थे.

एक पड़ोसी के अनुसार दोनों बहनें इतनी कमज़ोर हो गईं थी उनकी सहायता के लिए पहुंचे कैट्स के कर्मचारी भी उन्हें उठाने से डर रहे थे कि कहीं इससे उनकी हड्डियां ना टूट जाए.

आसपास के लोगों के अनुसार दोनों बहनों की ये हालत करीब 10 साल पहले उनके पिता राजेंद्र गुप्ता की मौत के बाद हुआ जिसके बाद ये परिवार आर्थिक तंगी से गुज़रने लगा.

इसी दौरान ममता को उसके पति ने भी छोड़ दिया और वो मां के साथ आकर रहने लगी. ममता के बेटे का जन्म भी रोहिणी में ही हुआ था.

इन दोनों हादसों के बाद ममता अवसाद में चली गई और उसने घर से निकलना बंद कर दिया था.

ममता की मानसिक अवस्था का असर धीरे-धीरे उसकी छोटी बहन नीरजा पर भी होने लगा और दोनों बहनें अवसाद में चली गईं.

हालांकि अलग-अलग लोगों के मुताबिक ये कहना मुश्किल है कि दोनों ने पूरी तरह से घर से बाहर आना कब बंद किया, लेकिन ये अवधि सालों की है.

इस दौरान ममता का बेटा शुभम घर के काम-काज में अपनी नानी की मदद करता रहा.

शुभम पिछले साल तक स्कूल भी जा रहा था लेकिन पिछले साल से उसने भी स्कूल जाना छोड़ दिया था.

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