जब मनमोहन का स्वागत हिंदी में किया गया

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Image caption प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यूरोजोन संकट पर चिंता जताई है.

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रविवार को मेक्सिको पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्वागत में सड़क के किनारे एक विशालकाय होर्डिंग लगाया गया था जिसपर हिंदी में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था - 'आपका स्वागत है.'

ऐजेंसी का कहना है कि ये होर्डिंग मेक्सिको के सैन खोसे देल काबो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उस होटल को जाने वाली सड़क के किनारे लगाया गया था जहां मनमोहन सिंह को ठहराया गया है.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक, जी-20 की बैठक में दुनियाभर से आने वाले नेताओं में 79 वर्ष के मनमोहन सिंह सबसे बुजुर्ग हैं.

सम्मेलन के बीच मनमोहन सिंह की मुलाकात मेक्सिको के राष्ट्रपति फिलिपे कॉल्डरोन से होनी है. दोनों देशों के बीच पिछले कुछ सालों में रिश्तों में मजबूती आई है.

पिछले साल दोनों देशों के बीच 4.15 अरब डॉलर का व्यापार हुआ.

भारत पर प्रभाव

मैक्सिको में हो रही जी-20 की बैठक मे वैश्विक आर्थिक स्थिति पर चर्चा होनी है.

सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले भारतीय प्रधानमंत्री ने यूरोजोन में जारी संकट पर ये कहते हुए चिंता जताई थी कि इससे वैश्विक बाजारो में मौजूदा संकट और गहराएगा जिसका असर भारत पर भी पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाना तात्कालिक चिंता का विषय है जिस पर दुनिया के नेताओं को ध्यान देना चाहिए.

जी-20 सम्मेलन की मेजबानी कर रहा मैक्सिको का लॉस काबोस, यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल स्थानों में से एक है.

लॉस काबोस, मैक्सिको के दक्षिणी छोर पर बसा 'रिसोर्ट-टाउन' है जो तीन तरफ से प्रशांत महासागर और कैलीफोर्निया की खाड़ी से घिरा है.

यहां विशालकाय व्हेलों को भी देखा जा सकता है जो जाड़े के दिनों में किनारों पर आ जाती हैं.

प्रवासी भारतीय

हालांकि मेक्सिको में प्रवासी भारतीयों की तादाद मात्र दो हजार के आसपास है लेकिन वहां मौजूद संस्थाओं जैसे गुरूदेव टेगौर भारतीय सांस्कृतिक संस्था की वजह से वहां के आम लोगो में भारत को लेकर खासी दिलचस्पी है.

पिछले साल करीब 25,000 भारतीय सैलानियों ने मेक्सिको की यात्रा की थी.

वहां सिख और हिंदू समुदाय के कई धार्मिक स्थल भी मौजूद हैं.

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