बीबीसी के साथ मनाया सू ची ने जन्मदिन

Image caption बीबीसी बर्मी सेवा के प्रसारकों के साथ केक काटती आंग सान सू ची

बर्मा की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस को नज़रबंदी के दिनों की अपनी 'जीवनरेखा' बताते हुए प्रसारकों के प्रति आभार प्रकट किया है.

उन्होंने अपना 67वां जन्मदिन बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के पत्रकारों के साथ मनाया. आंग सान सू ची ढाई दशकों के अंतराल के बाद यूरोप की यात्रा कर रही हैं.

यह विडंबना ही है कि 1999 में जब उनके पति माइकल एरिस लंदन में बुरी तरह बीमार थे तब वे चाहकर भी उनसे मिलने नहीं आ सकीं.

नज़रबंदी के दौरान ही उन्हें बीबीसी से समाचार मिला कि उनके पति की मृत्यु हो गई है.

शांति के लिए नोबेल सम्मान पा चुकी आंग सान सू ची के छोटे बेटे किम ऑक्सफ़र्ड में रहते हैं जबकि उनके बड़े बेटे एलेक्ज़ेंडर अमरीका में रहते हैं.

आंग सान सू ची को उनके जन्मदिन के उपहार के रुप में बीबीसी के निदेशक पीटर हॉरक्स ने पुरानी शैली का एक माइक्रोफोन दिया जिसका इस्तेमाल लंबे समय तक बीबीसी के प्रसारणों के लिए होता रहा है.

आंग सान सू ची ने हँसते हुए कहा, "मैंने आज तक बीबीसी को कुछ नहीं दिया, बीबीसी ही मुझे हर रोज़ अपनी सेवाएं देता रहा है, यह मैं कभी नहीं भूलूँगी. जब मैं नज़रबंद थी तो मुझे बीबीसी वर्ल्ड सर्विस का ही सहारा था, उसी से मुझे पता चलता था कि मेरे शहर में क्या हो रहा है."

उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि "बीबीसी इसी तरह दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी लोगों तक ख़बरें पहुँचाता रहेगा."

अनौपचारिक माहौल में उन्होंने बीबीसी के कार्यक्रमों के बारे में बात की, उन्होंने कल प्रसारित अँगेरज़ी के कुछ कार्यक्रमों का ज़िक्र भी किया जो उन्हें पसंद आए.

सू ची ने बीबीसी बर्मी सेवा के प्रसारकों से विशेष रूप से मुलाक़ात की, उन्होंने कहा कि "रेडियो पर जो आवाज़ें वर्षों से सुनती रही हूँ उन चेहरों को देखकर आज बहुत अच्छा लग रहा है."

आंग सान सू ची इससे पहले थाइलैंड और स्विट्ज़रलैंड का दौरा कर चुकी हैं.

बर्मा के चल रहे राजनीतिक सुधारों के तहत वे चुनाव जीतकर संसद में पहुँची हैं, देश में जारी राजनीतिक सुधारों के बारे में उनका कहना है कि "दुनिया को बर्मा में आ रहे बदलावों पर गहरी नज़र रखनी चाहिए ताकि वह अपने पुराने दिनों की ओर न लौट सके".

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