ब्रितानी संसद को संबोधित किया सू ची ने

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Image caption सू ची दो सप्ताह के यूरोप दौरे पर हैं जो 1988 के बाद उनका पहला पश्चिम का दौरा है

ब्रिटेन का दौरा कर रहीं बर्मा की विपक्षी नेता आंग सान सू ची ब्रिटिश संसद के दोनों सदनों को संबोधित किया है.

ब्रिटेन में इस तरह का सम्मान आम तौर पर राष्ट्राध्यक्षों को ही दिया जाता है.

अपने भाषण में उन्होंने ब्रिटेन से बर्मा की मदद का आह्वान किया और कहा कि उनके देश को संसदीय लोकतंत्रों से सीखने की ज़रूरत है.

सू ची ने कहा कि बर्मा के सामने अभी लोकतंत्र को स्वीकार करने का एक अवसर है.

उन्होंने कहा,"ये एक अवसर है जिसके लिए हमने दशकों तक इंतज़ार किया है. यदि हमने इसका इस्तेमाल नहीं किया, अगर इस बार चीज़ें ठीक नहीं की , तो फिर ऐसा मौका कई दशकों के बाद मिलेगा. और राष्ट्रपति थेन सेन की ओर से लागू किए गए सुधारों का स्वागत किया जाना चाहिए."

उन्होंने कहा कि बर्मा में वर्तमान राष्ट्रपति थेन सेन की ओर से लागू किए गए सुधारों का स्वागत किया जाना चाहिए.

इस बीच ऐसी ख़बर आई है कि ब्रिटेन सरकार ने बर्मा के राष्ट्रपति थेन सेन को ब्रिटेन आमंत्रित किया है.

बीबीसी के एक संवाददाता का कहना है कि ये कदम उनके लिए एक पुरस्कार के जैसा है जो कि देश में राजनीतिक सुधारों की दिशा में किए गए पूर्व सेनाध्यक्ष के राजनीतिक सुधारों की पहचान करेगा.

चार दिवसीय ब्रिटेन यात्रा पर आईं सू ची ने संसद को संबोधित करने से पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन, प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी कैमिला से मुलाक़ात की.

डेविड कैमरन ने उन्हें ब्रिटेन और दुनिया भर के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया.

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, सू ची और बर्मा का एक अभिन्न मित्र बनेगा.

24 साल पहले बर्मा के लोकतंत्र समर्थक अभियान में हिस्सा लेने के लिए ब्रिटेन छोड़ने के बाद सू ची पहली बार ब्रिटेन लौटी हैं.

उनकी ब्रिटेन यात्रा से पहले डेविड कैमरन अप्रैल में बर्मा गए थे और ऐसा करनेवाले वे पहले पश्चिमी नेता थे .

बर्मा में सैनिक नेताओं के सू ची और उनकी पार्टी को संसदीय उपचुनाव में खड़े होने की अनुमति दिए जाने के बाद कैमरन ने बर्मा का दौरा किया था.

इसके बाद से ही वो ये कहते हुए लगातार बर्मा के खिलाफ़ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को स्थगित करने का समर्थन करते रहे हैं कि राष्ट्रपति थेन सेन सुधारों को लेकर सचमुच प्रतिबद्ध हैं.

सू ची का दौरा

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Image caption सू ची ने 19 साल बाद ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय से अपनी डॉक्टरेट की डिग्री ली

चार दिन के ब्रिटेन दौरे पर आईं आंग सान सू ची ने बुधवार को ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय से मानद डॉक्टरेट की उपाधि ली.

उन्होंने 60 के दशक में इसी विश्वविद्यालय के सेंट ह्यूज’स कॉलेज से दर्शनशास्त्र, राजनीतिशास्त्र और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की थी.

बर्मा में दो से भी अधिक दशक तक नज़रबंद रहीं सू ची ने ये उपाधि, इसे दिए जाने की घोषणा के 19 साल बाद ली.

67 वर्षीया सू ची ने ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में अपने भाषण में कहा कि नज़रबंदी के दौरान ऑक्सफ़ोर्ड में बिताए उनके दिनों की यादों ने उन्हें बड़ा सहारा दिया.

सू ची ने न्यूयॉर्क और भूटान में काम करने के बाद 80 के दशक में अपने पति और तिब्बत मामलों के जानकार माइकल एरिस और अपने दो बेटों, अलेक्ज़ेंडर और किम, के साथ ऑक्सफ़ोर्ड में डेरा डाला था.

1988 में वे अपनी बीमार माँ की देखभाल के लिए बर्मा गईं और वहाँ लोकतंत्र समर्थक आंदोलन की नेता बन गईं.

अपने दो सप्ताह लंबे पश्चिम दौरे में सू ची स्विट्ज़रलैंड, फ़्रांस और नॉर्वे भी जाएँगी.

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