सलमान बट्ट जेल से रिहा, पाकिस्तान लौटेंगे

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Image caption सलमान बट्ट को पिछले नवंबर में 30 महीने कारावास की सज़ा सुनाई गई थी

स्पॉट फ़िक्सिंग के आरोप में ब्रिटेन में सज़ा काट रहे पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सलमान बट्ट को सज़ा की अवधि से पहले रिहा कर दिया गया है.

बट्ट को पिछले साल नवंबर में 30 महीने कारावास की सज़ा सुनाई गई थी.

उनके वकीलों के अनुसार 27 वर्षीय सलमान बट्ट को ब्रिटेन के केंट इलाक़े में स्थित कैंटरबरी जेल से बुधवार रात को से रिहा कर दिया गया.

सलमान बट्ट और उनकी टीम के दो गेंदबाज़ों मोहम्मद आसिफ़ और मोहम्मद आमिर को 2010 में इंग्लैंड के विरूद्ध एक टेस्ट मैच के दौरान जान-बूझकर नो बॉल फेंकने का दोषी ठहराया गया था.

29 वर्षीय मोहम्मद आसिफ़ और 19 वर्षीय को पहले ही रिहा किया जा चुका है.

तीनों खिलाड़ियों पर पाँच साल तक क्रिकेट खेलने की पाबंदी भी लगाई गई है जिसके विरूद्ध वो अपील कर रहे हैं.

इस सारे विवाद के मुख्य सूत्रधार, लंदन स्थित 36 वर्षीय एजेंट मज़हर मजीद को दो साल आठ महीने जेल की सज़ा दी गई है.

वापसी

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Image caption अन्य दोनों खिलाड़ियों आमिर और आसिफ़ को पहले ही रिहा किया जा चुका है

समझा जा रहा है कि सलमान बट्ट को रिहाई के बाद पाकिस्तान भेज दिया जाएगा क्योंकि उन्हें अग्रिम रिहाई योजना के तहत छोड़ा गया है.

इस योजना में विदेशी नागरिकों को रिहाई के समय इस शर्त के साथ नौ महीने पहले तक छोड़ा जा सकता है कि रिहाई के बाद उन्हें पाकिस्तान भेज दिया जाएगा.

जेल सेवा की एक प्रवक्ता ने बताया,"हम किसी कैदी की रिहाई की तारीख नहीं बताते मगर अग्रिम रिहाई योजना के तहत विदेशी नागरिकों को समय से नौ महीने पहले छोड़ा जा सकता है बशर्ते उन्हें ब्रिटेन से डिपोर्ट कर दिया जाए."

सलमान बट्ट के वकीलों ने एक बयान में कहा है,"पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेट कप्तान नवंबर 2011 में ब्रिटेन की सदर्क क्राउन कोर्ट की सज़ा पूरी करने के बाद अपने देश लौट जाएँगे.

"समझा जाता है कि वो वापसी के बाद अपने बैरिस्टर के साथ मिलकर क्रिकेट जगत में वापसी के बारे में विचार करेंगे."

सलमान के एक वकील यासीन पटेल ने कहा है कि सलमान बट्ट अभी थक गए हैं मगर वो क्रिकेट में अपनी वापसी के लिए प्रयास करेंगे.

स्पॉट फ़िक्सिंग विवाद में दोषी मोहम्मद आमिर, जिन्हें एक समय दुनिया के सबसे तेज़ गेंदबाज़ों में एक गिनाया जा रहा था, उन्हें छह महीने की सज़ा सुनाई गई थी.

आमिर को गत फ़रवरी में तीन महीने की सज़ा के बाद डॉर्सेट की पोर्टलैंड जेल से रिहा कर दिया गया.

मोहम्मद आसिफ़ को भी पिछले महीने सज़ा की आधी अवधि के बाद केंटरबरी जेल से रिहा कर दिया गया था.

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