चीनी मीडिया की बढ़ती उपस्थिति

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Image caption न्यूयॉर्क में शिन्हुआ का कार्यालय

चीन एक बड़ी आर्थिक शक्ति है ये तो हम सभी जानते हैं लेकिन मीडिया के क्षेत्र में भी चीन तेज़ी से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है.

जानकारों के अनुसार चीनी सरकार मीडिया को बढ़ावा देने के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रही है और दुनिया में हर जगह अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है.

न्यूयॉर्क शहर के टाइम्स स्कॉयर बिल्डिंग के आस-पास दुनिया भर के बड़े-बड़े मीडिया घरानों के बोर्ड देखें जा सकते हैं और उन्हीं के क़रीब एक बड़े से इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड पर चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ का बोर्ड भी है, जो कि एजेंसी का न्यूयॉर्क का दफ्तर है.

न्यूयॉर्क स्थित बीबीसी संवाददाता टॉम ब्रुक्स के अनुसार चीनी सरकार के नियंत्रण वाली इस समाचार एजेंसी के दफ्तर के बारे में सड़क पर चलते बहुत सारे आम अमरीकी तो जानते भी नहीं है.

लेकिन 'काउंसिल ऑफ फॉरेन रिलेशन्स' में एशिया स्टडीज़ की निदेशक एलिजाबेथ इकोनॉमी के अनुसार न्यूयॉर्क में शिन्हुआ एजेंसी का ये कार्यालय अमरीका में चीनी मीडिया की बढ़ती उपस्थिति का प्रतीक है.

एलिजाबेथ कहती हैं, ''इसमें कोई शक नहीं कि चीनी सरकार को इस बात का एहसास है कि वर्षो से चीन के बारे में जो भी बातें कही जाती रहीं हैं उनमें बीबीसी और सीएनएन जैसे पश्चिमी मीडिया संस्थानों का दृष्टिकोण झलकता है. चीन को लगता है कि अब समय आ गया है कि वो अपनी बात खुद अपने नजरिए से कहे.''

चीन की सरकारी मीडिया टीवी, अखबार, मैगजीन या ऑनलाइन, समाचार के लगभग हर माध्यम के जरिए अमरीकी लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

'चीनी प्रचार'

फ़्रीडम हाउस नाम के एक थिंक टैंक से जुड़ी एशिया मामलों की जानकार सारा कुक के अनुसार ये चीनी सरकार के 'प्रोप्गैंडा' यानी प्रचार का एक तरीका है.

लेकिन सारा कुक के इस आरोप को ख़ारिज करते हुए चीनी सरकार नियंत्रित मैगजीन 'न्यूज़चाइना' के बिज़नेस मैनेजर फ्रेड टेंग कहते हैं कि चीनी मीडिया बिल्कुल भी पक्षपातपूर्ण नहीं है.

फ्रेड टेंग कहते हैं, ''मेरा ख्याल है कि चीनी मीडिया नई-नई उभर रही है इसलिए निश्चित तौर पर उसमें बेहतरी की अभी बहुत गुंजाइश है लेकिन अगर आप 10 साल पहले की मीडिया से इसकी तुलना करें तो उसकी गुणवत्ता में काफी बढ़ोत्तरी हुई है.''

चीनी मीडिया शायद अपनी विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए अमरीकी मीडिया संस्थानों में विज्ञापन भी खूब दे रही हैं.

चीनी अंग्रेजी दैनिक 'चाइना डेली' अमरीका के सबसे प्रतिष्ठित अखबारों में से एक न्यूयॉर्क टाइम्स में विज्ञापन देता है.

लेकिन चीन के आलोचकों के अनुसार इसके जरिए चीनी मीडिया अपनी सच्चाई को छिपाने की कोशिश करती है.

एशियाई मामलों की जानकार सारा कुक कहती हैं, ''अमरीकी अखबारों में विज्ञापन देना बहुत भ्रामक है क्योंकि इससे पाठकों को ये बिल्कुल भी पता नही चलता कि चीनी मीडिया पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में हैं. चीनी मीडिया दरअसल सरकार के मुखपत्र हैं.''

बीबीसी संवाददाता टॉम ब्रुक्स के अनुसार चीन को अपनी छवि सुधारने में शायद उतनी ज्यादा कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े जितना उसने सोचा था.

क्योंकि अमरीका में चीनी मीडिया के उभरने से शायद आम अमरीकियों को कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता.

टाइम्स स्कॉयर के पास एक महिला ने कहा कि चीन सरकार पूरी दुनिया में अपनी मीडिया को फैला रही है और वैश्विकरण के इस दौर में इससे कोई समस्या नहीं होनी चाहिए.

एक और अमरीकी नागरिक ने कहा कि उनकी नजर में चीन एक बेहतरीन देश है और वे उसे बहुत पसंद करते हैं.

खबरों के अनुसार तीन साल पहले चीन सरकार ने अपनी मीडिया को बढ़ावा देने के लिए छह अरब डॉलर की राशि तय की थी.

बीबीसी संवाददाता टॉम ब्रुक्स के अनुसार पूरी दुनिया के सामने अपनी छवि को बेहतर तरीके से पेश करने के लिए चीन सरकार की आक्रामक नीति का ये एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

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