तनाव की ओर बढ़ते अमरीका-पाकिस्तान संबंध

अफगानिस्तान में हमला
Image caption काबुल में हुए इस हमले में 18 लोगों की मौत हो गई

अमरीका और पाकिस्तान के संबंध काबुल के एक होटल पर शुक्रवार को हुए हमले के बाद एक बार फिर तनावपूर्ण होते दिख रहे हैं.

एक प्रमुख अमरीकी सैनिक अधिकारी ने उस हमले के लिए पाकिस्तान स्थित चरमपंथी गुट हक्कानी नेटवर्क को जिम्मेदार ठहराया है और अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये खतरा कम करने के लिए 'जरूरी कदम' उठाए जाएँगे.

व्हाइट हाउस के उप प्रेस सचिव जॉश अर्नेस्ट ने कहा, "हमारे सैनिकों पर हमला करने के लिए आतंकवादियों के पाकिस्तान को एक सुरक्षित जगह के तौर पर इस्तेमाल करने को लेकर हमारी चिंताएँ सबको मालूम हैं."

अर्नेस्ट ने बताया, "हम वो खतरा कम करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएँगे."

इससे पहले अफगानिस्तान में नैटो सेनाओं के अमरीकी कमांडर जनरल जॉन एलेन ने काबुल में होटल में हुए हमले के लिए हक्कानी नेटवर्क को जिम्मेदार ठहराया था. उस हमले में 18 लोगों की मौत हो गई थी और होटल में 12 घंटे तक चरमपंथियों के साथ संघर्ष चलता रहा था.

एलेन का ये बयान उस समय आया जबकि कुछ ही हफ्तों पहले अमरीकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा ने कहा था कि चरमपंथियों की पनाहगाह खत्म करने में पाकिस्तान की कोताही के चलते अमरीका का धैर्य खत्म हो रहा है.

इसके बाद अर्नेस्ट ने कहा कि अमरीका ने 'सार्वजनिक और निजी तौर पर पाकिस्तान सरकार के साथ' ये मुद्दे उठाए हैं.

चर्चा

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के साथ हम अपने रिश्ते की कद्र करते हैं और हम साथ मिलकर ऐसे रास्ते निकालने की कोशिश करते रहेंगे जिससे उन आतंकवादियों का सामना किया जा सके जो अमरीकी सेना और मासूम पाकिस्तानियों के लिए खतरा बनते हैं."

ये पूछे जाने पर कि क्या अमरीका उन चरमपंथियों को पकड़ने के लिए अपने सैनिक सीमा पार भेजने के लिए तैयार है, अर्नेस्ट ने कहा, "जिस तरह की चीजों पर चर्चा हो रही है मैं उसके बारे में पहले से कुछ नहीं कहना चाहता, बल्कि ये भी नहीं कि इस तरह की कोई चर्चा हो भी रही है. मगर मैं ये बता सकता हूँ कि इस खतरे के बारे में हम काफी विस्तृत रूप से सार्वजनिक और निजी तौर पर चर्चा कर रहे हैं."

उधर जनरल एलेन के बयान में कहा गया, "अफगान सेना और अमरीकी नेतृत्त्व में काम कर रही सेना ये मानती है कि इस हमले में हक्कानी नेटवर्क की छाप है जो लगातार मासूम अफगानों को निशाना बनाकर मार रहे हैं और पाकिस्तान में सुरक्षित जगहों से अफगान संप्रभुता का हनन कर रहे हैं."

अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन के अनुसार पाकिस्तान में स्थित हक्कानी नेटवर्क तालेबान के साथ है और अकसर अफगानों और अमरीकी नेतृत्त्व वाली सेना पर हमला करते हैं.

अमरीका लगातार पाकिस्तान पर दबाव बनाए है कि वह अपनी तरफ की सीमा में कार्रवाई करके चरमपंथियों के ठिकाने नष्ट करे.

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