'बकिंघम पैलेस' के प्रवेशद्वार पर चढ़े प्रदर्शनकारी

बकिंगघम पैलेस
Image caption बकिंगघम पैलेस के मुख्य द्वार पर चढ़े हुए क्लाइमेट सायरन ग्रुप के प्रदर्शनकारी.

ब्रिटेन पुलिस ऐसे चार लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है जिन पर बकिंघम पैलेस के दरवाजे पर चार घंटे तक चढ़ने का आरोप लगा है.

खुद को 'क्लाइमेट सायरन ग्रुप' के सदस्य बताने वाले ये चारों लोग जलवायु परिवर्तन का विरोध कर रहे थे.

इन लोगों का कहना था कि बकिंघम पैलेस के दरवाजे पर चढ़कर वे ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ का ध्यान इस समस्या की ओर खींचना चाहते थे.

उनके मुताबिक, वे चाहते हैं कि महारानी एलिजाबेथ इस मसले पर राजकुमार चार्ल्स का अनुसरण करें और इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएं.

इन चारों को रॉयल पार्क नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है.

बकिंघम पैलेस की प्रवक्ता ने इसपर कोई प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया है.

रानी को चिट्ठी

मेट्रोपॉलिटन पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार इन चारों प्रदर्शनकारियों को एक चेरी-पिकर की मदद से राजमहल के प्रवेशद्वार से हटाया गया था और उनको एसओसीपीए यानि सीरियस ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड पुलिस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है.

शाही राजमहल के द्वार पर किया गया ये विरोध प्रदर्शन रियो-डी-जिनेरो में चल रहे वैश्विक सम्मेलन के खत्म होने के एक दिन पहले हुआ है.

क्लाइमेट सायरन ग्रुप ने अपनी वेबसाइट में ब्रिटेन की महारानी को एलिजाबेथ को एक चिट्ठी लिखकर जलवायु परिवर्तन से जुड़ी समस्याओं को एक अलग तरह का राष्ट्रीय संघर्ष बताया है.

इस पत्र में लिखा है, ''हम ये मानते हैं कि इस समय हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा ठीक उसी तरह दांव पर लगी है जिस तरह से पिछली महायुद्ध के दौरान लगी थी, हालांकि इसका तरीका बिल्कुल अलग है.''

पत्र में आगे लिखा है, ''चूंकि आप इस साल अपने शासनकाल की हीरक जयंती मना रही हैं ऐसे में आप हमारे देश को घेरने वाले इस संभावित खतरे से अपने-आप को दूर नहीं रख सकती हैं, खासकर तब जब आप इन सब से इतने लंबे समय से जुड़ी हैं.''

''और हम इस मुद्दे पर आपके बेटे और वारिस राजकुमार चार्ल्स के विचारों को दोहराना चाहते हैं.''

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