तुर्की ने सीरिया को दी चेतावनी

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Image caption तुर्की का कहना है कि उसके जेट विमान को अंतरराष्ट्रीय वायुसीमा में गिराया गया

तुर्की के प्रधानमंत्री रेसेप तैय्यप अरदोगान ने संसद में कहा है कि अगर सीरियाई सेना तुर्की की सीमा के करीब पहुंचती है तो उसे सैनिक खतरा माना जाएगा.

प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि यदि तुर्की समझबूझ के साथ विमान को मार गिराए जाने की घटना का जवाब देता है तो उसे तुर्की की कमजोरी न माना जाए.

इस बीच, तुर्की के अनुरोध पर ब्रसेल्स में बुलाई गई नेटो की विशेष बैठक में सीरिया की ओर से तुर्की के जेट एफ-4 विमान को गिराने की कड़ी निंदा की गई है.

नेटो के महासचिव आंदर्स फॉग रासमुसिन ने कहा कि सीरिया ने शांति और सरक्षा बनाए रखने के अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है.

रासमुसिन ने कहा, "ये कार्रवाई अस्वीकार्य है और हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. ये सीरियाई सरकार के शांति, सुरक्षा और मानव जीवन और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अवहेलना का एक और उदाहरण है. हमारी चिंता विमान के अब तक लापता चालक दल और उनके परिवारों के सदस्यों के बारे में है. हम चिंतित हैं और स्थिति पर नजर रख रहे हैं."

तुर्की 28 सदस्यों वाले नेटो में शामिल है और नेटो के 63 वर्ष के इतिहास में ये दूसरा मौका था जब किसी सदस्य के अनुरोध पर नेटो की बैठक बुलाई गई.

नेटो संधि के अनुच्छेद चार के मुताबिक यदि कोई सदस्य महसूस करता है कि उसकी सुरक्षा को खतरा है तो वह नेटो की बैठक बुलाने का अनुरोध कर सकता है. हालांकि नेटो में कोई भी फैसला सर्वसम्मति से ही लिया जाता है.

तुर्की पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि वह इस मसले का हल सैन्य हस्तक्षेप से नहीं खोजना चाहता. सीरिया ये कहता आया है कि तुर्की का विमान उसकी वायुसीमा में था जब उसे गिराया गया.

दोबारा फायरिंग से तनाव और बढ़ा

तुर्की के उप प्रधानमंत्री ने इससे पहले कहा था की सीरियाई कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा, हालाँकि उन्होंने जवाबी सैन्य कार्रवाई से इनकार किया था.

तुर्की और सीरिया के बीच तनाव सोमवार को तब और बढ़ गया जब तुर्की ने सीरिया पर अन्य विमानों पर भी फायरिंग करने का आरोप लगाया.

तुर्की का कहना था कि जब उसकी तरफ से जवाबी फायरिंग हुई तो सीरिया की तरफ से फायरिंग बंद हो गई.

सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार के खिलाफ चल रहे जनांदोलन में तुर्की के असद सरकार की निंदा करने के बाद से दोनो देशों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं.

उधर सीरिया में कई जगहों पर सरकारी फौज और उसके विरोधियों के बीच झड़पें हुई हैं.

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