हजारों साल पुराने चीनी मिट्टी के बर्तन मिले

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Image caption पुरातत्वविदों का कहना है कि बर्तन में भोजन के अलावा शराब भी बनती थी

दक्षिणी चीन में हजारों साल पुराने मिट्टी के बर्तन मिले हैं. चीनी मिट्टी के वो वही वर्तन हैं जिसमें इंसान ने सबसे पहले खाना-पीना शुरु किया था.

अमरीका के पुरातत्ववेत्ताओं का दावा है कि जियांगझी प्रांत के जियानरेनडॉंग के गुफा से मिला चीनी मिट्टी का वो वर्तन लगभग 20 हजार साल पुराना है.

विज्ञान की पत्रिका में प्रकाशित इस लेख में पिछले दिनों प्रकाशित लेखों के इस दावे का खंडन भी किया गया है जिसमें कहा गया था कि चीनी मिट्टी के बर्तन का अविष्कार 10 हजार साल पहले हुआ था.

अनुमान लगाया जा रहा है कि जो कटोरा मिला है उसका इस्तेमाल या तो खाना बनाने में किया जाता था या फिर उसमें मदिरा तैयार की जाती थी.

कुछ दिन पहले तक ज्यादातर लोगों का मानना था कि शराब तब बननी शुरु हुई होगी जब लोग एक जगह स्थिर होकर रहने लगे होगें और खेती करना शुरु किया होगा.

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Image caption कुछ वर्ष पहले तक अनुमान था कि चीनी बर्तन दस हजार साल से ज्यादा पुराना नहीं होगा

इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा था कि चूंकि चीनी मिट्टी के बर्तन बड़े होते हैं जो टूट भी सकते हैं, इसलिए घुमक्कड़ लोगों को उसे यहां-वहां लेकर जाने में असुविधा होती होगी.

लेकिन पिछले 10 वर्षों से शोधकर्ताओं को शोध में इस बात के सबूत मिले हैं कि चीनी मिट्टी का अविष्कार खेती-बारी शुरु होने से पहले हुई थी.

हावर्ड विश्वविद्यालय के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर ऑफर बार- योसेफ का कहना है, “चीनी मिट्टी के बर्तन का अविष्कार इसलिए हुआ होगा क्योंकि जो भोजन उस समय लोग करते होगें, उससे ज्यादा पौष्टिक भोजन उन्हें पकाकर खाने में मिलता होगा.”

प्रोफेसर योसेफ ने बीबीसी को बताया, “शिकारियों के लिए हर दिन शिकार करके पेट भरने में कठिनाई होती होगी, चीनी बर्तन का अविष्कार तो बेहतर शुरुआत थी ही, महत्वपूर्ण बात यह है कि यह अविष्कार जल्द ही बहुत जल्दी दूसरे लोगों तक पहुंच भी गया था.”

जेरूसलम स्थित हिब्रू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गिडियोन शेलेह ने बीबीसी को बताया कि स्थानीय लोगों ने भी कोशिश की होगी कि इस अविष्कार के बारे में दूसरे लोगों को भी बताया जाय.

प्रोफेसर शेहेल के अनुसार, “लोग एक साथ जमा होते होगें और ऐसी स्थिति में आपसी तनाव को दूर करने के लिए कुछ सामाजिक गतिविधियां शुरु करनी पड़ती हैं. हो सकता है कि उन चीनी के बर्तन का इस्तेमाल शराब बनाने के लिए किया जाता हो.”

पुरातत्ववेत्ताओं ने मिले बर्तन के बारे में बताया है कि वहां मिले चीनी बर्तन 20 सेंटीमीटर ऊंचा और 15 से 25 सेंटीमीटर चौड़ा है.

प्रोफेसर बार योसेफ का कहना है कि बर्तन बनने के शुरुआती दौर में उसे गरम नहीं किया जाता होगा, लेकिन बाद में उसपर या तो खाद्य पदार्थ को उबाला जाता होगा या फिर उसमें पकाया जाता होगा.

प्रोफेसर योसेफ के अनुसार खाना तैयार करने में पानी का इस्तेमाल किया जाता होगा.

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