लक्ष्य पूरे होने तक क्रांति जारी रहेगी: मुर्सी

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Image caption मोर्सी को शनिवार को स्थानीय समयानुसार 11 बजे सुबह शपथ दिलाई जाएगी

मिस्र के निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी को सुनने और मिस्र की सेना के विरुद्ध प्रदर्शन करने हजारों लोग काहिरा के तहरीर चौक में जमा थे.

मोर्सी ने घोषणा की कि जनता की शक्ति से बड़ी कोई शक्ति नहीं है.

उन्होंने लोगों से कहा कि वही अब मिस्र की शक्ति और सार्वभौमिकता के स्रोत हैं.

मोर्सी राष्ट्रपति पद की औपचारिक शपथ शनिवार को संवैधानिक अदालत के सामने लेंगे.

उन्होंने वादा किया कि वो सभी मिस्रवासियों के राष्ट्रपति होंगे और “जब तक सभी लक्ष्य पूर्ण नहीं हो जाते, क्रांति जारी रहेगी”.

उन्होंने कहा, “मैं वादा करता हूँ कि मैं राष्ट्रपति की कोई भी शक्तियों को कम नहीं होने दूँगा.”

मोर्सी का इशारा सेना के सुप्रीम काउंसिल के हाल के आदेश की ओर था.

इंसाफ का वादा

मोर्सी ने वादा किया कि वो सेना की कैद में फंसे लोगों को छुड़ाने और साथ ही पिछले साल की बगावत में मारे गए और घायल हुए लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए काम करेंगे.

उन्होंने ये भी कहा कि वो 1993 में न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के मामले में गिरफ्तार इस्लामी चरमपंथी ओमर अब्दल रहमान को छुड़ाने के लिए भी काम करेंगे.

एक मौके पर उन्होंने अपनी जैकट खोली और लोगों को दिखाया कि उन्होंने बुलेटप्रूफ कपड़े नहीं पहन रखे.

मोर्सी को शनिवार को स्थानीय समयानुसार 11 बजे सुबह शपथ दिलाई जाएगी.

मोर्सी की पार्टी मुस्लिम ब्रदरहुड के एक प्रवक्ता ने कहा था कि वो पिछले हफ्ते भंग की गई संसद के समक्ष शपथ लेंगे.

पिछली नवंबर को चुनी गई संसद में मुस्लिम ब्रदरहुड की समर्थित फ्रीडम ऐंड जस्टिस पार्टी और दूसरी इस्लामी दलों का वर्चस्व था.

उधर तहरीर चौक में जमा लोग मोर्सी के समर्थन में और सेना के विरोध में नारे लगा रहे थे.

इससे पहले उन्होंने काहिरा की अल-अज़हर मस्जिद में जुमे की नमाज अदा की. उन्होंने कुछ सेक्युलर और कॉप्टिक इसाइयों के उस डर को खत्म करने की कोशिश की कि उन्हें शासन में इस्लामी कानून लागू किए जाएंगे.

मोर्सी ने अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी योजना एक महिला और कॉप्टिक ईसाई को उप-राष्ट्रपति निर्वाचित करने की है.

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