बीबीसी के पूर्व प्रसारक गौतम सचदेव नहीं रहे

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Image caption डॉक्टर गौतम सचदेव ब्रिटेन में हिंदी साहित्यकारों में एक अत्यंत सम्मानित हस्ताक्षर थे

बीबीसी हिन्दी सेवा के पूर्व प्रसारक और ब्रिटेन स्थित हिन्दी साहित्यकार डॉक्टर गौतम सचदेव का देहांत हो गया है.

वे 73 वर्ष के थे. शुक्रवार को लंदन में डॉक्टर सचदेव के हृदय का ऑपरेशन हुआ था और अस्पताल में ही हृदयगति रूकने से उनकी मृत्यु हो गई.

गौतम सचदेव का जन्म 8 जून 1939 को अब पाकिस्तान में पड़नेवाले पंजाब प्रांत के मंडी वारबर्टन नामक स्थान पर हुआ था. विभाजन के बाद उनका परिवार भारत चला आया.उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं.

उन्होंने 1982 में बीबीसी हिन्दी सेवा के लंदन मुख्यालय में प्रसारक के रूप में काम करना शुरू किया. इसके पूर्व उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन किया था.

उन्होंने मुंशी प्रेमचंद के लेखन पर पीएचडी की थी. उनके शोधपत्र को हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री समझा जाता है और उन्हें इस बारे में व्याख्यान देने के लिए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आमंत्रित किया जाता रहा है.

साहित्य

गौतम सचदेव ब्रिटेन में बसे हिन्दी साहित्यकारों में एक जाना-माना नाम थे. डॉक्टर सचदेव हिन्दी, ऊर्दू, पंजाबी और संस्कृत के अच्छे जानकार थे और उन्होंने हिंदी के अलावा ऊर्दू में भी साहित्य लिखा है.

उनकी कविताओं के कई संग्रह प्रकाशित हुए जिनके नाम हैं – 'सूरज की पंखुड़ियाँ', 'त्रिवेणी', 'बूँद-बूँद आकाश', 'एक और आत्मसमर्पण' और 'अधर का पुल'.

'साढ़े सात दर्जन पिंजड़े' और 'अटका हुआ पानी' – इस नाम से उनके दो कहानी संग्रहों का भी प्रकाशन हुआ है. इसके अतिरिक्त भारतीय समाचारपत्रो में उनके लेख नियमित रूप से प्रकाशित होते रहे थे.

डॉक्टर सचदेव को कई पुरस्कार मिले जिनमें ब्रिटेन में रहनेवाले हिंदी साहित्यकारों को दिया जानेवाला प्रतिष्ठित पुरस्कार पद्मानंद साहित्य सम्मान शामिल है.

बीबीसी हिन्दी सेवा पर प्रसारित होनेवाले डॉक्टर सचदेव के कार्यक्रम – हमसे पूछिए – को भी पुरस्कृत किया गया था. डॉक्टर सचदेव की अंत्येष्टि लंदन में होगी.