क्या लाखों अफगान शरणार्थियों को वापस भेजा जाएगा?

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Image caption पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों का मुद्दा बेहद संवेदनशील है

पाकिस्तान में रहने वाले करीब 10 लाख अपंजीकृत अफगान शरणार्थियों पर उन्हें वापस अफगानिस्तान भेज दिए जाने का खतरा मंडरा रहा है.

दरअसल पाकिस्तान में इस सप्ताहांत एक कड़ी नीति प्रभाव में आने वाली है.

नए नियम उन अफगानों पर लागू नहीं होंगे जिनका पंजीकरण शरणार्थी के तौर पर हो चुका है.

आशंका जताई जा रही है कि इस नीति के प्रभाव में आने से पंजीकृत शरणार्थियों पर भी वापस अफगानिस्तान जाने का दबाव बढ़ेगा.

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खाइबर पख्तूनख्वा में अधिकारियों द्वारा लागू नई सीमा लागू की गई है.

ये प्रांत अफगानिस्तान से सटा हुआ है और ज्यादातर अफगान शरणार्थी यहीं रहते हैं.

नई सीमा के मुताबिक अपंजीकृत शरणार्थी शनिवार तक खुद को पंजीकृत करवा सकते हैं लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिन्होंने अपना पंजीकरण नहीं करवाया, उन्हें हिरासत में लेकर वापस अफगानिस्तान भेज दिया जाएगा.

अभी तक ये साफ नहीं है कि कितने अफगान शरणार्थियों का पंजीकरण नहीं हुआ है लेकिन एक आंकड़े के मुताबिक इनकी संख्या करीब 10 लाख के आसपास है.

इनमें से ऐसे कई लोग हैं जो काम की तलाश में पाकिस्तान आए थे, ना कि अफगानिस्तान में हिंसा से भागकर.

पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों का मुद्दा बेहद संवेदनशील है.

अफगानिस्तान में सालों रही अस्थिरता के कारण ईरान की तरह पाकिस्तान ने भी अपनी सीमा शरणार्थियों के लिए खोल दी थी.

वर्ष 2002 से शरणार्थियों ने खुद ही वापस अफगानिस्तान जाना शुरू कर दिया था. करीब 40 लाख शरणार्थी वापस अफगानिस्तान वापस लौट चुके हैं लेकिन ऐसे करीब 17 लाख अफगान शरणार्थी अभी भी पाकिस्तान में हैं जिससे प्रशासन में निराशा है.

जिन अफगानों के पास शरणार्थी होने के कागजात हैं, उनके दस्तावेज इस साल के अंत तक ही मान्य रहेंगे. पाकिस्तान सरकार की ओर से अभी ये साफ नहीं किया गया है कि सीमा के बाद इन लोगों का क्या होगा.

नए नियमों के लागू होने के बाद अफगानों में चिंता है. कई लोगों को डर है कि नई नीति के लागू होने पर पुलिसवाले उन्हें और ज्यादा परेशान करेंगे.

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