'खत्म कर दी जाएगी खुले में शौच की प्रथा'

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Image caption दस साल बाद खत्म कर दी जाएगी खुले में शौच की प्रथा

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि भारत ने उस मिशन की शुरुआत कर दी है जिसके तहत आने वाले दस साल में खुले में मलत्याग की प्रथा को खत्म कर दिया जाएगा.

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के साथ पेयजल और सफाई व्यवस्था की समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2012-13 में इसके लिए निर्मल भारत अभियान के तहत 35 सौ करोड़ रुपये की धनराशि सुनिश्चित की है.

उन्होंने कहा, “अगले दस साल में 35 हजार करोड़ रुपये की मदद से देश की हर ग्राम पंचायत को खुले में शौच से मुक्त कर दिया जाएगा. अर्थात हर ग्राम पंचायत में लोगों को शौचालय मुहैया कराया जाएगा.”

वर्तमान में देश में कुल दो लाख चालीस हजार ग्राम पंचायतें हैं.

इसके अलावा, ग्रामीण विकास मंत्री रेलवे लाइनों के किनारे खुले में शौच की समस्या पर पहले बिल गेट्स से चर्चा कर चुके हैं.

समीक्षा बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सिक्किम ने खुद को खुले में शौच से मुक्त राज्य बना लिया है जबकि केरल में ये कार्य प्रगति पर है.

उन्होंने कहा, “पूर्वोत्तर के तीन राज्य त्रिपुरा, मणिपुर और मिजोरम अगले साल तक इस लक्ष्य को पा लेंगे. इसके लिए यूपीए सरकार राज्यों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत धन मुहैया करा रही है.”

जयराम रमेश का कहना था कि सरकार के पास जो पैसा है वो देश की जनता का है और उन्हें ये पूछने का पूरा अधिकार है कि राज्य सरकारों से उन्हें क्या मिल रहा है.

केंद्र सरकार से मिलने वाली धनराशि के खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के मामले में उनका कहना था कि पिछले साल की उपलब्धियों के बारे में सीएजी की रिपोर्ट को दिसंबर के पहले सप्ताह में संसद पटल पर रखा जाएगा.

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