भारतीय दंपत्ति को 200 करोड़ का मुआवज़ा

Image caption कहा जा रहा है कि इस फैसले में दिया गया मुआवज़ा रिवरसाईड काउंटी के इतिहास में सबसे ज़्यादा मुआवज़ा है

अमरीका की एक अदालत ने एक भारतीय दंपत्ति को कार दुर्घटना के मामले में 3.64 करोड़ डॉलर (लगभग 202 करोड़ रुपए) का मुआवज़ा देने के आदेश दिए हैं.

वर्ष 2010 में ये दंपत्ति अमरीका में हुई एक कार दुर्घटना में घायल हुआ था.

फैसले के बाद मुंबई में रहने वाले इस दंपत्ति ने अमरीकी न्याय प्रणाली की प्रशंसा की है.

जयश्री और उनके पति प्रकाश सेठ अमरीका में छुट्टी बिताने गए थे, जब उनकी कार को एक 18 पहिए वाले वाहन ने टक्कर मार दी थी.

इस दुर्घटना में जयश्री और प्रकाश को काफी चोटें आई थीं. जयश्री को रीढ़ की हड्डी में आई चोट की वजह से अब वे चल फिर नहीं पातीं और अब ज़िंदगी भर उन्हें व्हील चेयर पर रहना होगा. अब उन्हें 24 घंटे चिकित्सकीय देखभाल की भी ज़रूरत पड़ती है.

ये वाहन श्नाइडर नैश्नल कैरियर कंपनी का था जिसे अदालत ने ये राशि अदा करने का आदेश दिया है.

सबसे बड़ा मुआवज़ा

भारतीय दंपत्ति की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए अमरीकी अदालत ने ये फैसला सुनाया.

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक श्नाइडर नैश्नल कैरियर कंपनी ने इस फैसले पर निराशा जताई है.

एक वक्तव्य जारी कर कंपनी के प्रवक्ता एरिन एलियट ने कहा कि अदालत का ये फैसला सबूतों पर आधारित नहीं है.

एरिन एलियट ने कहा, “श्नाइडर नैश्नल कैरियर कंपनी के कर्मचारी दुनिया के सबसे बेहतरीन ड्राइवरों में से एक हैं. इस मामले से जुड़े ड्राइवर का रिकॉर्ड बेहद अच्छा था और इस दुर्घटना मामले में उसका ज़िक्र नहीं किया गया.”

अदालत में दलील दी गई कि 18 पहिए वाले वाहन ने भारतीय दंपत्ति की गाड़ी को ओवरटेक करने की कोशिश की जिसके बाद दोनों में टक्कर हो गई.

टक्कर होने के बाद दंपत्ति की गाड़ी दूसरे वाहन से जा टकराई और एक डिवाइडर में जा धंसी.

दुर्घटना में 58 वर्षीय जयश्री को बहुत गंभीर चोटें आईं.

कहा जा रहा है कि इस फैसले में दिया गया मुआवज़ा रिवरसाईड काउंटी के इतिहास में सबसे बड़ा मुआवज़ा है.

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