सैफ अल-इस्लाम का मुकदमा निष्पक्ष नहीं होगा

मेलिंडा टेलर, सैफ़ की वकील
Image caption मेलिंडा पर सैफ़ अल-इस्लाम को कुछ दस्तावेज़ देने के आरोप लगे थे.

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय या आईसीसी के एक वकील का कहना है कि लीबिया के पूर्व राष्ट्रपति कर्नल मोअम्मर गद्दाफ़ी के पुत्र सैफ़ अल-इस्लाम का मुकदमा निष्पक्ष नहीं होगा.

सैफ़ अल-इस्लाम इस समय लीबिया के जिंटान शहर में जेल में बंद हैं.

वकील मेलिंडा टेलर ने ज़िंटान जेल में सैफ़ अल-इस्लाम से मुलाक़ात के बाद ये बातें कहीं.

मेलिंडा का कहना था, ''40 साल के सैफ अल-इस्लाम पर लीबिया में स्वतंत्र और निष्पक्ष मुक़दमा चलना असंभव है.''

आईसीसी ने सैफ पर मानवता के ख़िलाफ़ अपराध करने का आरोप लगाया है.

लेकिन लीबिया के अधिकारियों का कहना है कि सैफ का मुकदमा लीबिया में ही चलना चाहिए, आईसीसी के मुख्यालय 'द हेग' में नहीं.

जासूसी के आरोप

मेलिंडा भी जासूसी के आरोप में लगभग तीन हफ़्ते तक लीबियाई अधिकारियों की हिरासत में थीं लेकिन सोमवार को उन्हें रिहा कर दिया गया था.

आईसीसी ने कहा है कि लीबिया के जरिए लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी.

शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मेलिंडा ने कहा कि लीबिया में उन्होंने जो भी किया वो कानूनी तौर पर बिल्कुल सही था और आईसीसी के नियमानुसार था.

उनका कहना था, ''लीबिया यात्रा पर मेरा निजी व्यवहार चाहे जैसा भी हो लेकिन मेरे मुवक्किल सैफ़ अल-इस्लाम के अधिकारों का हनन हुआ था. हाल की घटनाओं से ये बिल्कुल साफ़ है कि लीबियाई अदालतों में सैफ़ अल-इस्लाम का मुक़दमा स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके़ से नहीं चल सकता.''

मेलिंडा के अनुसार लीबिया के अधिकारियों ने जानबूझकर बचाव पक्ष को गुमराह करने की कोशिश की थी.

मेलिंडा इसी सप्ताह अपनी रिपोर्ट सौंपेगीं.

आईसीसी के प्रवक्ता फ़ाज़िल अब्दुल्लाह ने मेलिंडा टेलर के बयान पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन इतना कहा कि आईसीसी के न्यायाधीश लीबिया की अपील पर फैसला करते समय मेलिंडा की रिपोर्ट पर भी विचार करेंगे.

सैफ़ अल-इस्लाम को नवंबर 2011 में गिरफ्तार किया गया था.

सैफ़ अल-इस्लाम के बचाव पक्ष की टीम की एक सदस्य के रूप में मेलिंडा को लीबिया भेजा गया था. उसी समय उनपर सैफ़ अल-इस्लाम को कुछ गोपनीय दस्तावेज़ देने के आरोप लगे थे.

उसके बाद मेलिंडा और उनके सहयोगी हेलेन अस्साफ को लीबियाई अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया था.

पिछले हफ़्ते आईसीसी के अध्यक्ष सैंग ह्युन सॉंग ने लीबिया यात्रा के दौरान माफ़ी मांगी थी जिसके बाद मेलिंडी की रिहाई के आदेश दिए गए थे.

लीबिया के एक वरिष्ठ अधिकारी मेलिंडा की टीम इस मामले में अंतिम सुनवाई के लिए 23 जुलाई को राजधानी त्रिपोली में अदालत के सामने पेश होगी.

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