मिस्र: राष्ट्रपति ने दिया संसद बहाली का आदेश

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Image caption मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी ने संसद को बहाल करने का आदेश दिया है

मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी ने संसद की बहाली का आदेश दिया है. पिछले महीने सत्तारूढ़ सैन्य परिषद ने संसद को भंग कर दिया था.

मिस्र की उच्चतम न्यायालय ने संसद को ये कहते हुए असंवैधानिक करार दिया था कि पार्टी सदस्यों ने निर्दलीयों के लिए आरक्षित सीटों से चुनाव लड़ा था.

तत्कालीन सैन्य सरकार ने इसी आदेश को अमल में लाते हुए संसद को भंग करने का आदेश जारी किया था.

लेकिन, मोहम्मद मुर्सी का कहना है कि जब तक नए चुनाव नहीं हो जाते हैं तब तक सदन को बहाल रखना चाहिए. मौजूदा सदन में मुर्सी की पार्टी मुस्लिम ब्रदरहुड के सबसे ज्यादा सदस्य हैं.

इस बीच, राष्ट्रपति के इस आदेश पर विचार करने के लिए सैन्य परिषद की आपात बैठक हो रही है.

सेना ने पिछले साल ही सत्ता सँभाली थी जब होस्नी मुबारक के तीस वर्षीय शासन का पतन हुआ था.

माना जा रहा है कि राष्ट्रपति के आदेश पर अमल के तहत संसद सोमवार को ही बहाल हो सकती है.

सेना को चुनौती

विश्लेषकों का कहना है कि मोहम्मद मुर्सी के इस फैसले को सेना को सीधे चुनौती के रूप में देखा जाएगा.

मिस्र की सरकारी मीडिया ने खबर दी है कि मोहम्मद मुर्सी ने अदालत के फैसले के ऊपर राष्ट्रपति का आदेश जारी किया है.

मोहम्मद मुर्सी पिछले महीने देश के पहले स्वतंत्र रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति बने थे.

लेकिन चुनाव से पहले सेना ने शक्तियां अपने पक्ष में कर ली थीं ताकि राष्ट्रपति का सेना के ऊपर कोई नियंत्रण न रहे.

संविधान

वहीं मोहम्मद मुर्सी ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि दोबारा बहाल होने वाली संसद ही संविधान का मसौदा तैयार करेगी.

आदेश के मुताबिक जनमत संग्रह के जरिए संविधान को स्वीकार किए जाने के साठ दिनों के बाद नए चुनाव होने चाहिएं.

मुस्लिम ब्रदरहुड संसद को भंग करने की शुरू से ही आलोचना करता रहा है.

हालांकि जानकारों का कहना है कि ये स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति को संसद को दोबारा बहाल करने की शक्ति है या नहीं.

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