सीरिया कर सकता है रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल

सीरिया में प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption पूर्व अधिकारी ने कहा है कि सत्ता में बने रहने के लिए बशर अल-असद कुछ भी कर सकता है.

सीरिया की सत्ता से जुड़े रहे और अब उससे अलग होकर कतर में पहुँचे सबसे प्रमुख सीरियाई अधिकारी ने बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि उनके मुताबिक राष्ट्रपति बशर अल असद नागरिकों के खिलाफ रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

पिछले हफ्ते सीरिया छोड़ कर कतर में शरण लिए हुए इराक के सीरियाई राजदूद नावेफ अल फारेस ने बीबीसी संवाददाता फ्रेंक गार्डनर से कहा कि सीरिया में हुए सभी बड़े हमले सरकार ने अल-कायदा के लोगों के हाथों करवाए हैं और सीरिया के शासक घायल भेड़ियों की तरह हैं जो अपने बचाव के लिए कुछ भी कर सकते हैं.

नावेफ अल फारेस कहा, "ऐसी अपुष्ठ जानकारियाँ हैं कि सीरियाई शहर होम्स में छोटे स्तर पर रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया. लेकिन मुझे इस बात का विश्वास है कि अगर सीरिया के शासकों पर दबाव पड़ा तो वो रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल में नहीं झिझकेगी."

उधर कोफी अन्ना व्लादिमीर पुतिन से सीरिया पर बात करने वाले हैं. रूस सीरिया का नजदीकी सहयोगी है. ये बातचीत ऐसे वक्त हो रही है जब सीरिया पर कड़ी कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है.

संकट

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption पूरे सीरिया में हिंसा तेजी से फैल रही है.

सीरिया में संयुक्त राष्ट्र की पर्यवेक्षक मिशन का कार्यकाल शुक्रवार को खत्म हो रहा है और नए कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव की जरूरत है.बशर अल असद के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़कने के बाद सीरियाई सरकार का साथ छोड़ने वाले फारेस सबसे वरिष्ठ नेता हैं.

उन्होंने सत्ताधारी बाथ पार्टी और रक्षा विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. वो कई प्रांतों के गवर्नर भी रह चुके हैं.

उन्होंने बीबीसी संवाददाता से कहा कि सरकार आखिरकार गिरेगी, हालाँकि उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसा जल्द होगा ताकि कम लोगों की जान जाए.

माना जाता है कि सीरिया के पास अच्छी-खासी तादाद में रसायनिक हथियार हैं. पड़ोसी और पश्चिमी देशों में इन हथियारों की सुरक्षा को लेकर चिंता रही है, खासकर उस वक्त जब सरकार गिर जाती है.

पूरे सीरिया में तेजी से हिंसा बढ रही है. राजधानी डामस्कस में विद्रोही सरकारी सैनिकों का बेहतर हथियार हैं और तालमेल के साथ सामना कर रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 16 महीनों के इस आंदोलन के दौरान राजधानी डामास्कस में सबसे बड़ी सैन्य तैनाती दिख रही है और सड़कों पर बख्तरबंद गाड़ियाँ नजर आ रही हैं.

संबंधित समाचार