रिजवान फिरदौस ने पेंटागन पर हमले की साजिश स्वीकारी

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Image caption अमरीकी खुफीया एजेंसी एफबीआई ने कई महीने तक रिजवान का अंडरकवर स्टिंग आपरेशन किया

बांग्लादेशी मूल के अमरीकी नागरिक रिजवान फिरदौस ने पैंटागन और अमरीकी राजधानी को निशाना बनाने की साजिश रचने का दोष स्वीकार किया है.

रिजवान पर आरोप था कि रिमोट कंट्रोल से विस्फोटक भरे छोटे विमानों को पैंटागन और अमरीकी राजधानी को निशाना बनाया जाना था.

अभियोजन और बचाव पक्ष के वकील 26 साल के रिजवान के लिए 17 साल की जेल की सजा पर राजी हो गए हैं.

रिजवान को तब गिरफ्तार किया गया जब एफबीआई के अधिकारियों ने खुद को अल कायदा के सदस्य बताकर उन्हें कथित तौर पर ग्रेनेड, छह मशीनगनें, प्लास्टि के विस्फोटक और रिमोट से चलाए जाने वाले छोटे (दो मीटर लंबे) विमान सप्लाई किए.

रिजवान ने कहा कि वह अभियोजन पक्ष के साथ हुए समझौते के तहत 17 साल की सजा को स्वीकार करता है. अगर अदालत में पूरा मामला चलता तो रिजवान को इन दोनों आरोपों में 35 साल तक की सजा हो सकती थी.

आरोप कम किए

मेसाच्यूट्स में रहने वाले रिजवान के पिता बांग्लादेशी मूल के हैं. वह बॉस्टन की नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी से भौतिकशास्त्र का स्नातक है.

इस समझौते के बाद अभियोन पक्ष रिजवान के खिलाफ लगाए गए छह आरोपों में से चार को हटाने के लिए राजी हो गया.

अभियोजन पक्ष ने दलील दी थी कि रिजवान 2010 से जिहाद की योजना बना रहा था.

रिजवान पर अमरीकी सरकार की इमारतों के विस्फोटकों से नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था.

एफबीआई का स्टिंग

अधिकारियों ने बताया कि अमरीकी खुफीया एजेंसी एफबीआई ने कई महीने तक रिजवान का अंडरकवर स्टिंग आपरेशन करने के बाद पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार किया था.

अभियोजन पक्ष के वकील ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि कई वेबसाइट और वीडियो देखने के बाद रिजवान भरोसा करने लगा था अमेरीका एक दुष्ट देश है. वह 2010 से ही अमरीका के खिलाफ जेहाद की तैयारी कर रहा था.

रिजवान ने एफबीआई के अंडरकवर एजेंटों से पैंटागन, वाशिंगटन की कैपिटल बिल्डिंग और अमरीकी कांग्रेस पर विमान से सुनियोजित ढंग से हमला करने की अपनी योजना का खुलासा किया था.

अमरीकी विधि मंत्रालय की ओर से रिजवान की गिरफ्तारी के दौरान जारी किए गए शपथपत्र में कहा गया था कि आरोपी ने पैंटागन को सांप की धड़ और दिल की संज्ञा दी थी और कहा था कि वह अल्लाह के दुश्मनों को निशाना बना रहा है.

'काफिरों का दुश्मन'

जब एजेंटों ने उस से सवाल किया कि इसमें कई बच्चे और महिलाएं मारी जाएंगी, रिजवान ने कहा कि इस्लाम को न मानने वाले सभी काफिर उसके दुश्मन हैं.

अधिकारियों के अनुसार इसके बाद एफबीआई ने रिजवान को ग्रेनेड, छह मशीनगन और प्लास्टिक विस्फोटक मुहैया करवाए.

वैसे रिजवान को दिए गए हथियारों पर पूरी तरह से एफबीआई के एजेंटों का नियंत्रण था और इनसे किसी की जान जाने का खतरा नहीं था.

इसके अलावा वह रिमोट कंट्रोल से चलने वाले सात फुट (दो मीटर) लंबाई तक के जीपीएस लगे ऐसे विमान भी चाहता था जो सौ मीटर ऊंचाई तक उड़ सकें.

आरोप है कि वह जून 2011 में रैक्की करने वाशिंगटन भी गया था.

अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया था कि रिजवान ने अफगानिस्तान और इराक में विस्फोटकों से अमरीकी सैनिकों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी.

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