इराक में बम धमाका: 107 लोग मारे गए

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Image caption सोमवार को उत्तरी शहर किरकुक में सात कार धमाके हुए

इराक़ में अधिकारियों का कहना है कि राजधानी बग़दाद और आस-पास के इलाक़े में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में कम से कम 107 लोग मारे गए हैं.

बग़दाद में स्थित पत्रकारों के मुताबिक़ मारे जाने वालों में ज़्यादातर सुरक्षाकर्मी थे क्योंकि उन्हें ही निशाना बनाया गया था.

बम धमाके का सबसे ज्यादा असर राजधानी बग़दाद से 20 किलोमीटर उत्तर में बसे शहर ताजी में हुआ जहां कम से कम 24 लोग मारे गए.

इन धमाकों में 140 से भी ज्यादा लोग घायल हुए हैं जिनमें कईयों की हालत कभी गंभीर है.

शिया बहुल्य सद्र ज़िले की एक सरकारी इमारत को भी निशाना बनाया गया है.

जबकि उत्तरी शहर किरकुक में कम से कम सात कार बम धमाके हुए.

सोमवार को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में सुरक्षाकर्मियों को ख़ासतौर पर निशाना बनाया गया था.

सलाउद्दीन प्रांत में स्थित एक सैन्य अड्डे पर हुए हमले में कई सैनिकों के मारे जाने की ख़बर है.

पुलिसकर्मियों पर हमला

बीबीसी संवाददाता रामी रूहायेम के मुताबिक़ सोमवार को कई पुलिस चेकपोस्ट को निशाना बनाया गया, सैनिक अड्डे पर मोर्टार से फ़ायरिंग की गई और एक पुलिसकर्मी के घर में घुसकर हमला किया गया.

ताजी शहर में पहले पांच-छह धमाके हुए जिसमें 14 लोग मारे गए और बाद में जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तब एक आत्मघाती हमला हुआ जिसमें 10 पुलिसकर्मी मारे गए.

ताजी के एक निवासी अली हुसैन ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ''इन लोगों का क्या क़सूर है. वे अपनी रोज़ी-रोटी के लिए काम कर रहे थे. ये ग़रीब लोगों की मार्केट है और जब धमाका हुआ तब बहुत सारे लोग यहां ख़रीदारी कर रहे थे.''

इससे पहले 13 जून को भी सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे जिनमें 84 लोग मारे गए थे और लगभग 300 घायल हुए थे.

रविवार को भी हुए हमले में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई थी.

इराक़ में 2006-07 के बाद हिंसा में कमी आ गई थी लेकिन हाल के महीनों में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता और तनाव के बीच पूरे देश में हिंसक वारदातों में बढ़ोत्तरी हुई है.

दिसंबर 2011 में अमरीकी सैनिकों के इराक़ छोड़ कर चले जाने के बाद इस साल जून में हुए हिंसक वारदातों में 237 लोग मारे गए थे.

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