ओलंपिक के जनक देश पर ओलंपिक का ग्रहण?

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption ग्रीस आधुनिक इतिहास के बड़े आर्थिक संकट से गुज़र रहा है

ग्रीस की राजधानी एथेंस की ओलंपिक मेज़बानी को आठ साल हो चुके हैं. वर्ष 2004 में एथेंस ओलंपिक के भव्य आयोजन के रंग में डूबा था. लेकिन आज हालात बदल चुके हैं.

ग्रीस आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े आर्थिक संकट से दो-चार है और इसका खमियाज़ा खेल और खिलाड़ियों को भी भुगतना पड़ रहा है.

शहर के मुख्य ओलंपिक स्टेडियम में जिमनास्ट वैसिलिकी मिलोसी हर दिन लंदन ओलंपिक के लिए प्रैक्टिस करती हैं. लेकिन उनका कहना है कि पहले के मुकाबले आज ट्रेनिंग करना भी मुश्किल हो गया है.

वो कहती हैं, "हमारे पास डॉक्टरों और फिज़ियो की फीस अदा करने के लिए पैसे नहीं हैं. हमारे पास दवाइयां भी नहीं हैं. हम ट्रेनिंग पर पैसे नहीं खर्च कर सकते, विदेशों में नहीं जा सकते. सब कुछ बहुत मुश्किल हो गया है. ये दर्दनाक बात है."

खर्चीला आयोजन

एथेंस ओलंपिक के बाद कई स्टेडियमों पर ताला लग गया था. एक अनुमान के मुताबिक ओलंपिक के आयोजन में ग्रीस ने लगभग 10 अरब यूरो खर्च किए. लेकिन इतने पैसों से आखिर क्या मिला?

आज ये स्टेडियम वीरान हैं और बदहाली में हैं. उन्हें किराए पर चढ़ाने की कोशिशें भी बेकार गई है.

स्टेडियम को बेचने का जिम्मा एक कंपनी को दिया गया है लेकिन वो अब तक नाकाम रही है. इस कंपनी के प्रमुख स्पीरो पोलालिस कहते हैं, "ये स्टेडियम अस्थाई बनाए गए थे. उस वक्त जो इंतज़ाम किए गए थे वो बेहतरीन थे और हमने बहुत बढ़िया मेज़बानी की थी. दरअसल ग्रीस पर आरोप लगाने से पहले ये देखना चाहिए कि ओलंपिक का आयोजन करने वाले दूसरे देशों के स्टेडियमों का आज क्या हाल है. मैं देखना चाहूंगा कि ओलंपिक के बाद लंदन का क्या हाल होता है."

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption ग्रीस ने 2004 ओलंपिक का सफल आयोजन किया था.

वैसे स्टेडियमों की बदहाली के बावजूद ग्रीस को ओलंपिक से एक फायदा भी हुआ. वहाँ की यातायात व्यवस्था सुधर गई.

हेलेनिक ओलंपिक समिति के अध्यक्ष स्पाइरोस कैपरालोस कहते हैं कि ये अहम सफलता है.

सुधार

वो कहते हैं, "2004 के ओलंपिक के बाद एथेंस में नए एयरपोर्ट बना, नई सड़कें बनीं, और दूरसंचार में भी नई तकनीक लाई गई. हमने अपने शहर की सबसे बड़ी समस्या - यातायात का निदान किया. हां, हमसे ज़रूर ज्यादा खर्च हुआ, हमने स्टेडियमों का निर्माण बिना सोचे समझे किया लेकिन इन सभी के बावजूद एथेंस ओलंपिक हमारे लिए एक सकारात्मक बात थी."

लेकिन एथलीट आज सोचने पर मजबूर हैं कि उसके बाद कहां गलती हो गई कि आज सब कुछ नकारात्मक हो गया है.

खराब परिस्थितियों में ट्रेनिंग कर रही पोल वॉल्ट की खिलाड़ी स्टेला लेडाकी पूछती हैं कि 2004 का आयोजन क्या ग्रीस के लिए ठीक रहा?

वो कहते हैं, "आज जैसी स्थिति है उसमें अभ्यास करना सुरक्षित नहीं है. यहां बहुत गर्मी है, एयरकंडीशन नहीं है, हम थोड़ी देर में बेहोश भी हो सकते हैं. आज हमारे पास पैसा नहीं है, शायद इसलिए क्योंकि हमने ओलंपिक के आयोजन में ढेर सारा पैसा खर्च कर दिया. शायद हमें ओलंपिक नहीं करना चाहिए था."

ग्रीस में ही पुरातन और आधुनिक ओलंपिक खेलों का जन्म हुआ था. लेकिन आर्थिक मंदी ने देश के लिए कुछ भी नहीं छोड़ा है और यहां लोग सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि अभी और कितना पतन होना बाकी है.

संबंधित समाचार