सीरिया: अलेप्पो में खूनी जंग जारी

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कार्यकर्ताओं का कहना है कि फौज अलेप्पो में घुस गई है और शहर के कई इलाकों पर हमले किए जा रहे हैं.

बीबीसी संवाददाता इयान पैनेल के अनुसार उन्होंने दोनों पक्षों के बीच खुद कई झड़पें देखी हैं, जिसमें काफी विद्रोही या तो घायल हुए हैं या मारे गए हैं.

हवाई हमले जारी रहने की बात भी कही जा रही है. कहा जा रहा है कि लड़ाकू विमान नीची उड़ाने भर रहे हैं और बमबारी जारी है.

विद्रोही सीरियन फ्री आर्मी ने फौज के एक हमले को रोकने और टैंको को बर्बाद करने का दावा किया है. हालांकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्ठि नहीं हो पाई है.

पश्चिमी देशों ने अगाह किया है कि सीरिया की सबसे बड़े शहर में नरसंहार के हालात पैदा हो रहे हैं.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि शनिवार सुबह से शहर के दक्षिणी-पश्चिमी क्षेत्रों में टैंको का प्रवेश शुरू हो गया है.

शहर थर्रा रहा है

बीबीसी संवाददाता से कहा गया है कि सुबह से ही शहर बमबारी की आवाज से थर्रा रहा है.

टैंक सलाह अल-दीन के इलाके में घुसने का प्रयास कर रहे हैं जहां उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और चिकित्सकों से सहायता की गुहार की गई है.

भारी खून-खराबे के डर से लोगों से लदे वाहन शहर छोड़कर ग्रामीण इलाकों की तरफ भाग रहे हैं. दोनों पक्ष शहर पर अपना कब्जा कायम रखने को दृढ़ हैं, लेकिन राष्ट्रपति बशर अल-असद के पास बड़ी फौजी ताकत है, और अलेप्पो पर पकड़ बनाए रखने के लिए वो इसके इस्तेमाल को पूरी तरह तैयार हैं.

सरकारी टीवी का कहना है कि दमिश्क में नाकाम होने के बाद विद्रोहियों अलेप्पो को आतंकवाद का गढ़ बनाने की कोशिश में हैं.

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Image caption पिछले मार्च से शुरू हुई लड़ाई में हजारों लोग मारे गए हैं.

ये लड़ाई लगभग दो हफ्तों के अन्तराल के बाद हो रही है जिस दौरान विद्रोहियों ने अपनी ताकत बढ़ा ली है.

अठारह जुलाई को देश के सुरक्षा मुख्यालय पर हुए एक हमले में फौज के चार उच्च अधिकारियों की मौत हो गई थी. मारे जाने वालों में देश के रक्षा मंत्री और राष्ट्रपति के बहनोई भी शामिल थे.

रसायनिक हथियार

उसके बाद सीरियन फ्री आर्मी ने राजधानी दमिश्क के कई इलाकों पर कब्जा कर लिया था. लेकिन बाद में फौज ने उन्हें खदेड़ दिया.

विद्रोहियों ने तुर्की और इराक की सीमा के पास के कई इलाकों पर भी कब्जा कर लिया था.

अलेप्पो में पिछले लगभग हफ्ते भर से लड़ाई जारी है जिसमें सरकारी फौजो ने हैलीकॉप्टर गनशिप और लड़ाकू विमानों का प्रयोग किया है.

हाल तक दमिश्क और अलेप्पो हिंसा की उन घटनाओं से बचे रहे थे जिससे पूरा मुल्क पिछले लगभग साल भर से दो-चार हो रहा है.

इस हफ्ते की शुरूआत में सरकार ने तुर्की की सीमा पर मौजूद सुरक्षाबलों को वापस बुला लिया है और उन्हें विद्रोहियों के खिलाफ जंग में शामिल कर दिया है.

संयुक्त राष्ट्र अध्यक्ष बान-की-मून ने सीरिया से कहा है कि वो साफ तौर पर कहे कि जंग में किसी भी हाल में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.

संयुक्त राष्ट्र ने मई में जारी एक बयान में कहा था कि कम से कम 10,000 लोगों की मौत हो चुकी है.

सीरिया ने कहा था कि अबतक 6,947 लोग मारे जा चुके है जिसमें तीन हजार से अधिक आम शहरी थे, जबकि 2500 के आसपास सुरक्षाकर्मी.

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