लंदन में 'अजनबी' महिला की गुत्थी सुलझी

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लंदन ओलंपिक आयोजन समिति का कहना है कि उद्धाटन समारोह में मार्चपास्ट के दौरान भारतीय दल में ध्वजवाहक सुशील कुमार के साथ लाल शर्ट और नीले ट्राउज़र में नजर आ रही महिला एक 'कास्ट मेम्बर' थी जिससे दल की सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं था.

भारतीय दल में इस 'रहस्यमयी' महिला की मौजूदगी मीडिया में सुर्खियां बटोर रही थी. भारतीय दल ने भी इसके बारे में स्पष्टीकरण मांगा था.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक, लंदन ओलंपिक खेलों के प्रमुख सेबिसटियन को का कहना है, ''वो एक कास्ट मेम्बर थी. वो ज्यादा रोमांचित थीं. उन्हें वहां नहीं होना चाहिए था. मैं इस बारे में भारतीय दल से बात करूंगा.''

उन्होंने कहा कि ये महिला बेंगलोर की एक कथित छात्रा है जो उन 7500 वॉलन्टियर्स में से एक थीं जिन्होंने ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया था.

कौन थी वो अजनबी महिला

वहीं इस महिला की तस्वीरें अखबारों में आने के बाद एक अखबार ने दावा किया है कि उसने इस महिला की पहचान बेंगलोर की मधुरा हनी के रूप में की है.

डेक्कन क्रॉनिकल ने सूत्रों का हवाला देते हुए लिखा है कि मधुरा ने लंदन ओलंपिक के लिए जाने से पहले फेसबुक पर अपना ओलंपिक पास भी प्रदर्शित किया था. लेकिन मामला सुर्खियों में आने पर उन्होंने अपना फेसबुक एकाउंट बंद कर दिया.

लेकिन लंदन ओलंपिक के लिए गए भारतीय दल को इस महिला की पहचान के बारे में आधिकारिक तौर पर अभी तक कुछ नहीं बताया गया है.

भारतीय दल के उप शेफ डे मिशन, ब्रिगेडियर मुरलीधर राजा का कहना है, ''मुझे भी इन खबरों की जानकारी है, लेकिन मैं अखबारों की खबरों पर टिप्पणी नहीं कर सकता हूं. हमें आयोजकों की ओर से जवाब का इंतजार है.''

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