जापानियों का फैक्स के लिए प्रेम

फैक्स इमेज कॉपीरइट c
Image caption एक सर्वेक्षण के मुताबिक 87.5 प्रतिशत जापानी व्यापारी फैक्स को अपने व्यापार का अहम हिस्सा मानते हैं.

ई-मेल की लोकप्रियता की वजह से दुनिया के कई हिस्सों में फैक्स मशीनों पर धूल जम रही है और वो बीते कल का एक हिस्सा बनती जा रही हैं. लेकिन हाई-टेक माने जाने वाले देश जापान में फैक्स फल-फूल रहा है.

जापान की एक प्रतिभा कंपनी हॉरिप्रो इंक में यूतारो सुजूकी अपनी अगली परियोजना का प्रस्ताव लिखने में व्यस्त हैं. लेकिन वो टाइप नहीं कर रहे बल्कि हाथ से लिख रहे हैं.

हॉरिप्रो देश की सबसे बड़ी और पुरानी कंपनियों में से है और सुजूकी लगभग 300 गायकों और कलाकारों का प्रचार करते हैं. लेकिन वे अपने विस्तृत कार्यक्रमों को हाथ से लिखते हैं.

48 वर्षीय सुजूकी कहते हैं, ''इसमें समय अधिक लगता है लेकिन मेरी भावना और जज़्बा इससे बेहतर सामने आती है. मुझे ईमेल बहुत रुखी लगती हैं इसलिए मैं हाथ से लिखे दस्तवेज़ को प्राथमिकता देता हूं.''

जापान उन देशों में से है जहां ब्रॉडबैंड की गति सबसे अधिक है. सुजूकी समझते हैं कि ऐसे देश में शायद उनका फैक्स के लिए प्रेम अनोखा है.

लेकिन इंटरनेट फैक्स रिसर्च इंस्टिटयूट के एक सर्वेक्षण के मुताबिक़ 87.5 प्रतिशत जापानी व्यापारी फैक्स को अपने व्यापार का अहम हिस्सा मानते हैं.

संस्कृति

सुजूकी की प्राथमिकता जापानी संस्कृति दर्शाती है जो आज भी फैक्स को अपनाती है हालांकि यह मशीन विकसित देशों के हिस्सों से गायब हो गई है.

पहली बात यह है कि यहां लिखावट की संस्कृति रही है. उदाहरण के तौर पर अधिकतर बायो-डेटा अभी भी हाथ से लिखे जाते हैं क्योंकि यहां नौकरी पर रखते समय कंपनियां लोगों के व्यक्तित्व का आकलन उनकी लिखावट से करती हैं.

मिदोरी की वेबसाइट पर लिखा है कि आप सोचें भी मत कि आप ग्रीटिंग कार्ड या बधाई पत्र भेजने के लिए कंप्यूटर से बनाए गए संदेशों का इस्तेमाल करेंगे.

कोई हैरानी की बात नहीं है कि लोग यहां अपनी लिखावट को बेहतर बनाने का प्रयास करते रहते हैं.

फैक्स के लिए प्रेम का एक और कारण यह भी है कि जापान के लोगों में हार्ड कॉपी को लेकर काफ़ी जुनून है.

संबंधित समाचार