सीरिया संकट: कोफ़ी अन्नान छोड़ेंगे अपना पद

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Image caption कोफ़ी अन्नान की छह-सूत्रीय शांति योजना पर सीरिया में कभी भी पूरी तरह अमल नहीं हुआ.

सीरिया के लिए सयुंक्त राष्ट्र और अरब लीग के संयुक्त विशेष दूत, कोफ़ी अन्नान, अपना पद छोड़ रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने बताया कि अन्नान ने अगस्त में समाप्त हो रहे अपने पद की समयसीमा का नवीनीकरण न करने का फ़ैसला किया है.

कोफ़ी अन्नान ने कहा कि सीरिया में बढ़ता सैन्यकरण और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मामले पर सहमति की कमी का उन्हें दी गई ज़िम्मेदारी पर असर पड़ा है.

कोफ़ी अन्नान का पद छोड़ने की घोषणा ऐसे समय में आई है जब राजधानी दमिश्क और एल्लपो में सेना और विद्रोहियों के बीच लड़ाई और तेज़ हो गई है.

"गहरा दुख"

कोफ़ी अन्नान ने सीरिया के लिए एक छह-सूत्रीय शांति योजना तैयार की थी जिसका मक़सद वहां चल रही लड़ाई को ख़त्म करना था. लेकिन इस योजना पर सरकार और विद्रोही, दोंनो ही पक्षों ने पूरी तरह अमल नहीं किया और सीरिया में हिंसा अब भी जारी है.

बान की-मून ने कहा कि वो ये घोषणा "गहरे दुख" के साथ कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, "कोफ़ी अन्नान ने जिस निस्वार्थ तरीके से अपनी योग्यता और प्रतिष्ठा का इस्तेमाल एक बेहद मुश्किल काम के लिए की, उसकी वजह से वे हमारी प्रशंसा और सराहना के पात्र हैं."

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि कोफ़ी अन्नान के उत्तराधिकारी चुनने के लिए वो अरब लीग के साथ बात-चीत कर रहे हैं जो "इस अत्यंत महत्वपूर्ण शांति योजना" को जारी रखेगा.

कोफ़ी अन्नान की शांति योजना में भारी हथियारों के इस्तेमाल को ख़त्म करना, बिना रोक-टोक सहायता सामग्री की आवाजाही, मीडिया और प्रर्दशनों की आज़ादी और सीरियाई नागरिकों की चिंताओं और महत्वकांक्षाओं को संबोधित करने वाली सीरिया की अगुआई वाली राजनीतिक प्रक्रिया शामिल था.

"मतभेद"

अपने वक्तव्य में बान की-मून ने कहा कि सयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में "निरंतर मतभेद" हैं जिसके चलते वीटो अधिकार वाले सदस्य देश सीरिया के बारे में सहमति नहीं बना पाएं हैं और यही मतभेद "कूटनीति की राह में रूकावट डाल रहे हैं जिसकी वजह से किसी भी मध्यस्थ का काम और भी ज़्यादा मुश्किल हो जाता है."

सीरिया पर प्रस्तावों को वीटो करने वाले रूस ने कहा है कि उसे कोफ़ी अन्नान के फ़ैसले का अफ़सोस है. संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत विटाली चुरकिन ने कहा कि रूस ने हमेशा कोफ़ी अन्नान का समर्थन किया है.

अमरीका का कहना है कि कोफ़ी अन्नान का जाना, सीरिया के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के कड़े कदम को समर्थन देने में रूस और चीन की नाकामयाबी को दर्शाता है.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुमान के मुताबिक पिछले वर्ष मार्च सरकार-विद्रोही प्रदर्शनों के शुरु होने से अब तक लगभग 20,000 लोग मारे गए हैं. साथ ही हज़ारों लोग सीरिया छोड़कर भाग चुके हैं.

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