ब्रिटेन की माओं पर हावी हैं अमरीकी माताएं

आंकड़ों को समझना अक्सर आसान नहीं होता लेकिन आंकड़े कई बार दिलचस्प कहानियां कह जाते हैं.

मलेशिया के रहने वाले एक शख्स के हाथों कुछ ऐसे ही आंकड़े लगे जो ये साबित करते हैं कि अमरीकी राष्ट्रपति और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रहे व्यक्तित्वों की माएं ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों की माताओं से अधिक उम्र तक जीती हैं.

माइक शियरिंग ने शौकिया तौर पर विश्व युद्ध के बाद दुनियाभर के नेताओं से जुड़े कई तरह के आंकड़े इकट्ठे किए और यह पाया कि अमरीकी राष्ट्रपतियों की माएं न सिर्फ अपने देश की महिलाओं के मुकाबले लंबी उम्र जीती हैं बल्कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों की माओं की तुलना में भी कहीं अधिक दीर्घायु होती हैं.

इन आंकड़ों को परखने और इनके पीछे छपे कारणों को जानने के लिए माइक शियरिंग ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्दालय के 'एजिंग इंस्टीट्यूट' से संपर्क किया और संस्थान ने भी उनके इस आकलन की पुष्टी की है.

संस्थान से जुड़े जॉर्ज लीसन के मुताबिक, ''अगर हम अमरीकी माओं की औसत उम्र देखें तो पाएंगे कि वो 83.7 के आसपास है वहीं ब्रिटेन की माओं की औसत उम्र 74.8 से ज्यादा नहीं.''

जॉर्ज लीसन के मुताबिक ये फ़र्क अपने आप में काफी ज्यादा है लेकिन आंकड़ों के औसत अक्सर सटीक और सही तस्वीर बयां नहीं करते. मसलन पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी की मां रोज़ कैनेडी 104 वर्ष तक तक जीवित रहीं.

संयोग या कुछ और

यही वजह है कि जॉर्ज ने इन आंकड़ों को कई तरह से परखा. उनके मुताबिक, ''आंकड़ों को उनकी मध्यरेखा (मीडियन) के हिसाब से परखें तो भी यही कहानी सामने आती है. अमरीकी माओं का मध्य-मूल्य जहां 84.5 है वहीं ब्रितानी माओं का मध्य-मूल्य लगभग 75 है.''

लेकिन क्या ये आंकड़ें केवल एक संयोग हैं या इनके पीछे कुछ ठोस कारण भी है

Image caption विशेषज्ञों का मानना है कि अमरीकी राष्ट्रपतियों और ब्रितानी प्रधानमंत्रियों की जीवनशैली का फर्क इसका एक कारण हो सकता है.

लीसन के मुताबिक ये केवल संयोग नहीं क्योंकि अमरीकी राष्ट्रपतियों की माएं ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों, ब्रिटेन की आम महिलाओं यहां तक की अमरीका की औसत महिलाओं की तुलना में भी दिर्घायु रहती हैं.

यानि आंकड़ों से ये तो साफ है कि ब्रिटेन और अमरीका के शीर्ष नेता की मां होना दीर्घायु होने की कुंजी है और अमरीकियों के लिए इसके नतीजे कहीं अधिक सकारात्मक हैं.

अब सवाल ये कि इसकी वजह क्या है?

लीसन के मुताबिक जिस विशिष्ट वर्ग की हम बात कर रहे हैं उसमें शामिल ज्यादातर अमरीकी राष्ट्रपति और शीर्ष नेता संपन्न परिवारों से हैं और ब्रिटेन के मुताबले अमरीका में धन के ज़रिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं जुटाई जा सकती हैं.

इसके अलावा अमरीकी राष्ट्रपतियों और ब्रितानी प्रधानमंत्रियों की जीवनशैली का फर्क भी इसका एक कारण हो सकता है.

जॉर्ज लीसन और उनके साथी अब इन आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि इनके पीछे छिपी वजहों को लेकर कई नई बातें सामने आएंगी.

संबंधित समाचार