विसकॉन्सिन: सिखों को 9/11 के बाद से ही डर था

 सोमवार, 6 अगस्त, 2012 को 15:28 IST तक के समाचार

अमरीका के अलग-अलग राज्यों में सिख संगठन अपने डर और संकाएं ज़ाहिर करने के लिए बैठकें और प्रेस वार्ताएं आयोजित कर रहे हैं.

अमरीका के विस्कॉन्सिन राज्य में रविवार सुबह हुई गोलीबारी की घटना के बाद वहाँ रह रहे सिख सदमे में हैं.

इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं.

इस घटना का व्यापक विरोध हुआ है और भारत और अमरीका में राजनीतिक नेताओं, सिख समुदाय के प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की है.

'अफरातफरी मच गई'

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्थानीय समयानुसार सुबह करीब दस बजे जब ये हमला हुआ तो अफरातफरी मच गई.

इस हमले की जांच कर रही एफबीआई अभी तक हमलावर के मकसद के बारे में जानकारी नहीं जुटा पाई है लेकिन सिख समुदाय के कई नेताओं का मानना है कि न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 11 सितंबर 2001 को हुए हमले के बाद ऐसे जवाबी हमलों का डर हमेशा बना रहा है.

"मुझे इस घटना से गहरा धक्का लगा है....ख़ासतौर पर ये दुखद है कि हिंसा का ये काम एक धार्मिक जगह को निशाना बनाकर किया गया है"

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

पिछले वर्षों में सिख समुदाय के लोगों को अक्सर मुसलमान समझ कर उन पर हमले हुए हैं.

अमरीका में सिखों के संगठन, ‘यूनाइटेड सिख्स’ के अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया कि वे अमरीका के न्याय विभाग के अधिकारियों से मिलेंगे और मांग करेंगे कि सिखों को पूरी सुरक्षा का विश्वास दिया जाए.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, “इस हादसे के बाद से सिख यहाँ पर स्तब्ध हैं. बच्चे और सभी डरे हुए हैं और सदमे में हैं.”

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी यहां पर सिखों पर हमले हुए हैं, ''लेकिन यह बाकी घटनाओं से अलग है क्योंकि यह हमला हमारे धार्मिक स्थान के अंदर हुआ है. यानी आप यह नहीं कह सकते कि यह हमला गलत पहचान का नतीजा है.''

इस बीच भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि उन्हें इस घटना से 'गहरा धक्का' लगा है.

विस्कॉन्सिन

अमरीका में अनेक जगहों पर सिखों ने प्रदर्शन किए हैं

एक बयान में उन्होंने कहा, "ख़ासतौर पर ये दुखद है कि हिंसा का ये काम एक धार्मिक जगह को निशाना बनाकर किया गया है."

'पगड़ी लाई शक के घेरे में'

‘सिख रिलीजियस सोसाइटी ऑफ विस्कॉन्सिन’ के अध्यक्ष गुरचरन ग्रेवाल ने बीबीसी से कहा, “हम सब मिलकर इस घटना का सामना करने की कोशिश कर रहे हैं, घायलों और खास तौर पर चोटिल पुलिस अधिकारी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.”

वॉशिंगटन स्थित ‘सिख काउंसिल ऑन रिलिजन ऐंड एजुकेशन’ के चेयरमैन राजवन्त सिंह ने कहा, “11 सितंबर के हमले से ही हमें ऐसी घटनाओं का डर था.”

एसोसिएटिड प्रेस समाचार एजेंसी से बात करते हुए सिंह ने कहा, “ये बस समय की बात थी, क्योंकि जानकारी का अभाव है, लोग जानना नहीं चाहते और अक्सर हमें तालिबान का सदस्य या ओसामा बिन लादेन का साथी समझते हैं.”

"यह बाकी घटनाओं से अलग है क्योंकि यह हमला हमारे धार्मिक स्थान के अंदर हुआ है."

कुलदीप सिंह, अध्यक्ष, ‘युनाइटिड सिख्स’

सिख समुदाय पर हमलों के विवरण जुटाने वाली अमरीका स्थित फिल्मकार वैलरी कौर ने एपी समाचार एजेंसी को बताया, “ये बहुत दुखद है कि इस पगड़ी ने हमें शक के घेरे में ला खड़ा किया है, हमेशा विदेशी और संभवत: आतंकवादी.”

सिख हैं 'अमरीकी परिवार का हिस्सा'

दुनिया भर में करीब दो करोड़ सत्तर लाख लोग सिख धर्म के अनुयायी हैं. इनमें से करीब पांच लाख अमरीका में रहते हैं.

"ये बहुत दुखद है कि इस पगड़ी ने हमें शक के घेरे में ला खड़ा किया है, हमेशा विदेशी और संभवत: आतंकवादी."

अमरीका स्थित फिल्मकार वैलरी कौर

यहां अक्सर मुस्लिम धर्म मानने वालों के साथ इनकी गलत पहचान की गई है. सितंबर 2001 में अमरीका के अरीज़ोना में एक गैस स्टेशन के मालिक, बलबीर सिंह सोढ़ी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

माना गया था कि हत्या करने का मक़सद 11 सितंबर के हमले का बदला लेना था.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने विस्कॉन्सिन में हुई गोलीबारी पर शोक जताया है. व्हाइट हाउस की ओर से जारी किए गए उनके बयान में कहा गया, “पूजा के स्थान पर हुए इस हमले पर दुख व्यक्त करते हुए हम सिख समुदाय का अमरीका को योगदान याद करना चाहेंगे, ये समुदाय अमरीकी परिवार का ही हिस्सा है.”

विस्कॉन्सिन राज्य के ओक क्रीक शहर और उसके आसपास में सिख समुदाय के करीब 2,500 से 3,000 परिवार रहते हैं. विस्कॉन्सिन के जिस गुरुद्वारे में हमला हुआ, उसके अलावा उस इलाके में दो अन्य मंदिर और गुरुद्वारे भी हैं.

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