सीरिया: प्रधानमंत्री हुए विद्रोहियों के साथ

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Image caption रियाद हिजाब को दो माह पहले ही प्रधानमंत्री का पद दिया गया था.

सीरिया के प्रधानमंत्री रियाद हिजाब और उनका परिवार राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार का साथ छोड़ विद्रोहियों में शामिल हो गए हैं.

उन्होंने अपने परिवार समेत सीरिया छोड़ दिया है. हालांकि ये साफ नहीं कि वो अभी कहां हैं.

प्रधानमंत्री के हिजाब के बागियों के साथ जाने की ख़बर की सरकारी टीवी पर पुष्टि की गई. इससे पहले राजधानी दमिश्क में सरकारी टीवी के मुख्यालय पर धमाका हुआ जिसमें भारी नुक़सान और तीन घायल हो गए.

सरकारी टीवी ने अपने मुख्यालय पर हुए बम धमाके की ख़बर देने के बाद रियाद हिजाब को लेकर एक ख़बर दी.

कहा गया कि दो महीने पहले प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए रिदाय हिजाब को बर्खास्त कर दिया गया है, लेकिन बाद में पता चला कि रियाद हिजाब अपने परिवार के साथ सरकार का साथ छोड़ चुके हैं और विद्रोहियों में शामिल हो गए हैं.

हिजाब के प्रवक्ता मोहम्मद एल एत्री ने अल जज़ीरा टीवी पर उनके बयान को पढ़ा और राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार को आतंकवादी व्यवस्था का नाम दिया.

'क्रांति का सिपाही'

उन्होंने हिजाब के हवाले से कहा, "मैं आज हत्यारी और आतंकवादी व्यवस्था से खुद को अलग करता हूं और मैं आजादी और गरिमा की क्रांति में शामिल होने की घोषणा करता हूं. आज से मैं घोषणा करता हूं कि मैं इस क्रांति का सिपाही हूं."

हिजाब का संबंध बहुसंख्यक सुन्नी संप्रदाय है जो असद के खिलाफ विद्रोह कर रहा है.

हिजाब का बागियों में शामिल होना राष्ट्रपति असद की सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जो बीते 17 महीनों से सशस्त्र विद्रोह का सामना कर रही है.

इस विद्रोह के दौरान सीरिया में 20 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

माना जाता है कि हिजाब अपने परिवार के साथ जॉर्डन में हैं और जल्द ही क़तर चले जाएंगे. हालांकि जॉर्डन की सरकार ने अपने यहां हिजाब की मौजूदगी से इनकार किया है.

जॉर्डन के सूचना मंत्री समीह अल मैता ने कहा, "रियाद हिजाब को हटाया गया है या वो बागियों में शामिल हो गए हैं. ये सीरिया का अंदरूनी मामला है. लेकिन मैं पुष्टि करता हूं कि वे अभी तक जॉर्डन में दाखिल नहीं हुए हैं."

सीरिया के विद्रोही गुटों के सूत्रों के मुताबिक़ दो और मंत्रियों ने सरकार का साथ छोड़ दिया है. लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

विपक्ष

इस बीच सीरिया की विपक्षी परिषद का कहना है कि उसे जानकारी थी कि प्रधानमंत्री उनके साथ आने वाले हैं.

परिषद के सदस्य ओबैदा नाहास ने कहा, "हमारे पास सूचना थी कि प्रधानमंत्री कुछ समय से सरकार का साथ छोड़ने की तैयारी कर रहे थे. उनके इस फैसले से पहले ही उनके और उनसे जुड़े 10 परिवारों को विपक्ष ने सीरिया से बाहर निकाल लिया है. सीरियाई सरकार विपक्ष का साथ देने वालों के परिवारों को निशाना बनाती है. साफ है कि जब प्रधानमंत्री खुद को वहां सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं तो कौन सुरक्षित होगा?"

हालांकि सीरिया में प्रधानमंत्री और उसके मंत्रिमंडल के पास बहुत कम शक्ति होती है. लेकिन हिजाब के बागियों में शामिल हो जाना इस बात का संकेत है कि अल्पसंख्यक अलावी समुदाय के राष्ट्रपति असद की सरकार में काम कर रहे सुन्नी लोगों पर भारी दबाव है.

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