बाल कुपोषण पर मुहिम चलाई जाएगी: कैमरन

भूखमरी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन लंदन में विश्व में भूख की समस्या पर एक सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं.

डेविड कैमरन को उम्मीद है कि वो साल 2016 तक पांच साल से कम उम्र के क़रीब ढ़ाई करोड़ बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए धन की व्यवस्था कर पाएंगे.

अगला ओलंपिक साल 2016 में ब्राज़ील में आयोजित हो रहा है.

इस सम्मेलन में ब्राज़ील, कीनिया और बांग्लादेश जैसे देशों के राजनीतिज्ञों समेत खेल जगत की कई जानी मानी हस्तियां भी शामिल हो रही हैं.

रणनीति

सहायता संगठन ऑक्सफ़ैम के सलाहकार के तौर पर काम करनेवाले डंकन ग्रीन का कहना है कि ब्रिटेन ने भूख के मामले पर जागरूकता पैदा करने के लिए सही समय का चुनाव किया है.

उनका कहना था कि इस समस्या से निपटने के लिए कई तरह की रणनीति तैयार करनी होगी.

"ज़रूरत है कि हम अल्पावधि के लिए अलग रणनीति तैयार करें. ऑक्सफ़ैम पश्चिमी और पूर्वी अफ्रीका और यमन में करीब पांच करोड़ तीस लाख लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहा है.

यमन में ढाई लाख बच्चों पर मौत का ख़तरा मंडरा रहा है. लेकिन हमें भोजन की व्यवस्था में बदलाव करना होगा. दुनियां में खाद्य पदार्थों की कमी नहीं है, हम इसकी व्यवस्था ठीक तरह से नहीं कर पा रहे हैं. ज़रूरत है कि धनी देशों में मौजूद कुछ पालीसियों में बदलाव लाया जाए जिससे इस काम में बहुत मदद मिलेगी."

सूखे और बढ़ी कीमतों की मार

ब्रिटेन ने उस तरह के फसल पर शोध के लिए जिनपर सूखे का प्रभाव नही होता है 25 करोड़ पाउंड की सहायता देने का वादा किया है और कहा है कि वो बहुराष्ट्रीय कंपनियों से आग्रह करेगा कि वो इस समस्या से निपटने में अहम भूमिका निभाए.

इससे पहले पांच लाख लोगों ने डेविड कैमरन को ख़त लिखकर कहा था कि सरकार भूख की समस्या से निपटे.

पश्चिमी अफ़्रीका में एक करोड़ दस लाख से अधिक लोग सूखा और खाने पीने की वस्तुओं की बढ़ी कीमतों की मार झेल रहे हैं.

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