हौला नरसंहार में सरकारी बलों का हाथः यूएन

 बुधवार, 15 अगस्त, 2012 को 23:16 IST तक के समाचार
सीरिया में विद्रोह

सीरिया में पिछले लगभग डेढ़ साल से विद्रोह चल रहा है.

संयुक्त राष्ट्र की जांच में पता चला है कि सीरिया के शहर हौला में डेढ महीने पहले हुए नरसंहार में सरकारी बलों और सरकार समर्थक मिलिशिया का हाथ था. इस नरसंहार में 108 लोग मारे गए थे.

सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार के खिलाफ मार्च 2011 में शुरू विद्रोह के बाद से इसे सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की ओर से कराई गई जांच में पता चला है कि विपक्ष और सरकारी बलों, दोनों ही पक्ष युद्ध अपराधों में शामिल रहे हैं.

इस बीच सीरिया की राजधानी दमिश्क में हुए एक धमाके में पांच लोग घायल हो गए हैं.

विपक्षी फ्री सीरियन आर्मी का कहना है कि इस धमाके में वरिष्ठ सैन्य अफसरों की एक बैठक को निशाना बनाया गया था. विपक्षी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री कार्यालय और ईरानी दूतावास के पास झड़पें होने की बात भी कही है.

'कटघरे में' सरकार

संयुक्त राष्ट्र की जांच में आरोप लगाया गया है कि योजनाबद्ध तरीके से होने वाली हिंसा को सीरिया सरकार के सर्वोच्च अधिकारियों की ओर से हरी झंडी दी गई है.

102 पन्नो की इस रिपोर्ट में सीरियाई बलों पर हत्या, उत्पीड़न और यौन हिंसा के आरोप लगाए गए हैं. रिपोर्ट में फरवरी 2012 से जुलाई तक की घटनाओं का जिक्र है.

रिपोर्ट का कहना है कि इस अवधि के दौरान और भी बर्बर तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया गया है.

जांच में विपक्षी बलों को भी युद्ध अपराध का जिम्मेदार बताया गया है, लेकिन उन पर लगे आरोप सरकारी बलों पर लगे आरोपों जितने गंभीर नहीं हैं.

खास तौर से सरकारी बलों और सरकार समर्थक शबिहा मिलिशिया को 25 मई को हौला शहर के तालदौ में हुए नरसंहार के लिए जिम्मेदार बताया गया है जिसमें 49 बच्चों समेत 108 लोग मारे गए थे.

सीरिया में विद्रोह

सरकारी बलों और विपक्षी लड़ाकों की लड़ाई के कारण कई इलाकों में भारी तबाही हुई है.

हालांकि सीरिया की सरकार ने जांचकर्ताओं की टीम को सीरिया में आने की अनुमति नहीं दी लेकिन उन्होंने लगभग 700 लोगों से बात की जिनमें आम नागरिक और भाग कर पड़ोसी देशों में गए पूर्व सैनिक शामिल हैं.

अपहरण की रणनीति

उधर विपक्षी कार्यकर्ताओं का कहना है कि अजाज और एलेप्पो में लड़ाकू विमानों की कार्रवाई में कम से कम 20 लोग मारे गए हैं.

अपुष्ट खबरों में कहा गया है कि मरने वालों में चार लेबनानी शिया मुसलमान भी शामिल हैं जिन्हें मई में विद्रोहियों ने बंधक बना लिया था.

उधर लेबनान में एक शिया परिवार ने कई सीरियाई लोगों को अगवा करने का दावा किया है. ये कदम सीरिया में इस परिवार से संबंधित एक व्यक्ति का अपहरण किए जाने के जवाब में उठाया है.

अल मेकदाद परिवार का कहना है कि उसने बीस सीरियाई लोगों को बंधक बना लिया ताकि वे सीरिया की राजधानी दमिश्क में अगवा किए गए अपने रिश्तेदार हसन अल-मेकदाद की रिहाई के लिए सीरिया के बागियों पर दबाव बना सकें.

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