पेले के समकक्ष ग्रिंचा और उनके पुत्र की कहानी

 गुरुवार, 16 अगस्त, 2012 को 08:56 IST तक के समाचार
एल्फ

अपने स्टार पिता ग्रिंचा को अपनी प्रेरणा मानते हैं एल्फ लिंडबर्ग

यह कहानी थोड़ी फिल्मी है. पिता ग्रिंचा 60 के दशक में ब्राजील के स्टार फुटबालर थे.

वर्ष 1959 में स्वीडन के दौरे में पेले के समकक्ष कहे जाने वाले ग्रिंचा की एक स्थानीय युवती से एक प्यार भरी मुलाकात से एल्फ लिंडबर्ग का जन्म हुआ. एल्फ अपने इस इत्तेफाकन पिता के कभी नहीं मिले लेकिन बेटे के लिए ग्रिंचा आज भी सबसे बड़े स्टार हैं.

एल्फ ने बीबीसी से कहा, “ ग्रिंचा जैसा कोई दूसरा खिलाड़ी नहीं है. उनके खेलने का स्टाइल उस समय नायाब था और हमेशा रहेगा. ”

ग्रिंचा को पेले के समकक्ष माना जाता था लेकिन बाद में शराब की बुरी लत उनकी पहचान बनी. ग्रिचा की दोनों टांगों में जन्म से ही घूमाव था लेकिन बॉल पैरों के पास आने के बाद उनके जैसे गजब के संतुलन के साथ संभालने वाला कोई दूसरा नहीं था.

हसीनाओं का खिलाड़ी

"आज से पहले तक मैं हमेशा यही सोचता था कि अपने पिता के बारे में जानना कितना सुखद होता. मेरे पिता ने मुझे हमेशा ही प्रेरित किया."

एल्फ़

हालांकि ग्रिंचा की इस कला से भी बड़ा उनका हुनर हसीनाओं को अपने आगोश में ले आने का था. ऐसे ही कई रिश्तों से ग्रिंचा के 14 बच्चे हुए.

एल्फ बहुत छोटे थे जब मां ने उन्हें किसी दूसरे दंपति को सौंप दिया. वे सात साल के थे जब उन्हें गोद लेने वाले माता-पिता ने बताया उनके असली पिता ग्रिंचा हैं. तब से अपने असली पिता के मिलने की ललक हमेशा से उनके साथ रही है.

अब 52 साल के एल्फ ने कहा, “ मुझे अपने पिता से कभी न मिल पाने का मलाल है.”

पिछले हफ्ते रासुंदा स्टेडियम में एल्फ ब्राजील और स्वीडन के बीच दोस्ताना मैच के दौरान विशेष मेहमान थे. इसी स्टेडियम में उनके पिता 1958 का विश्व कप खेले थे. ब्राजील ने वहां पहली बार विश्व कप जीता था.

एल्फ ने कहा, “आज से पहले तक मैं हमेशा यही सोचता था कि अपने पिता के बारे में जानना कितना सुखद होता. मेरे पिता ने मुझे हमेशा ही प्रेरित किया.”

उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से उन्हें शराब की बुरी लत थी. अगर ऐसा न होता तो वह वह हमारे साथ होते.”

मुलाकात जो न हो सकी

साल 1977 में स्वीडन के एक अखबार ने लिखा था कि ग्रिंचा अपने बेटे से मिलना चाहते हैं. इसके अगले साल ही इस मुलाकात का मौका बना. एल्फ को 1978 के विश्व के लिए अर्जेटीना जाना था.

ग्रिंचा भी वहां कमेंटेटर के रूप में आ रहे थे. लेकिन वह मुलाकात नहीं हो सकी. 20 जनवरी 1983 को ग्रिंचा की मौत हो गई.

एल्फ को तीन बार ब्राजील जाने को मौका मिला. इसमें एक बार वह डाक्यूमेंटरी के सिलसिले में गए थे. वहां जाकर पता लगा कि वह अपनी मां के बारे में कभी नहीं जान पाएंगे क्योंकि मां की मौत पिता के पहले हो चुकी थी.

ग्रिंचा की दस बेटियां हैं. एल्फ की उनसे मुलाकात एक भावनात्मक पल था.

एल्फ ने कहा, “उस पल मेरे लिए ग्रिंचा का बेटा होने का सपना हकीकत में बदल गया.” उस यात्रा के दौरान एल्फ को अपने पिता की कब्र पर जाने का मौका मिला.

एल्फ तलाकशुदा हैं और उनके चार बच्चे हैं. लेकिन इनमें से कोई भी पुर्तगाली भाषा नहीं बोलता. लेकिन फुटबाल को लेकर उनकी दिवानगी गजब की है.

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