'मैं ऑस्ट्रेलिया में खुश हूँ'

 बुधवार, 22 अगस्त, 2012 को 14:12 IST तक के समाचार
अभिषेक

अभिषेक पिछले चार सालों से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं

मेरा नाम अभिषेक आनंद कालसेकर है और मेरी उम्र 32 साल है. मैं पिछले चार सालों से ऑस्ट्रेलिया में रह रहा हूँ. मैं मुंबई के कांदिवली इलाके का रहने वाला हूँ.

मेरे ऑस्ट्रेलिया आने का कारण ये था कि मुझे गेमिंग प्रोग्रामिंग में करियर बनाना था. मेरे सामने तीन विकल्प थे - अमरीका, ब्रिटेन या ऑस्ट्रेलिया.

मैं भारत में अपनी जिंदगी से बेहद नाखुश था. मैने मुंबई में इंजीनियरिंग की थी.

मैं वर्ष 2008 में ऑस्ट्रेलिया पहुँचा. मैं यहाँ अपनी पढ़ाई आगे बढ़ाना चाहता था.

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मैं अभी कैनबरा में गेमिंग प्रोग्रामिंग और वर्चुअल वर्ल्ड में बैचलर्स की पढ़ाई कर रहा हूँ.

लोग अमरीका और ब्रिटेन छोड़कर ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं क्योंकि इन दोनो देशों के वीज़ा मिलना बहुत मुश्किल है और उसे लेकर झंझट है.

ब्रिटेन के बारे में मैंने सुना है कि ये बहुत महँगा देश है. भारतीयों के अलावा दुनिया के दूसरे देशों से लोग भी ऑस्ट्रेलिया आ रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया एक ऐसा देश है जहाँ दूसरे देशों के लोग आसानी से घुल-मिल जाते हैं.

साथ ही ऑस्ट्रेलिया बहुत जवान देश है, ये सिर्फ 200 साल पुराना है. यहाँ पर इटली और ब्रिटेन का खाना बहुत आसानी से मिल जाता है.

नस्लभेद

भविष्य के नागरिक?

"भारत में कई इलाकों के लोगों के साथ गलत व्यवहार होता है तो क्या वो नस्लभेद नहीं है?"

अभिषेक

ऑस्ट्रेलिया नस्लभेद करने वाला देश नहीं है. लेकिन हर जगह पर ऐसे लोग होते हैं जो पूरे देश को बदनाम कर देते हैं. ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसे लोग हैं.

मैं ये नहीं कहूँगा कि यहाँ नस्लभेद करने वाले लोग नहीं हैं. मैने पिछले चाल सालों में कभी भी नस्लवाद का सामना नहीं किया है.

जिन लोगों ने नस्लभेद देखा है वो ऐसे इलाके में रहते हैं जहाँ अपराध दर ज्यादा है.

वहाँ आपको बदमाश लोग ही मिलेंगे.

जब भारतीय छात्रों पर हमलों की खबरें आई थीं तो मैंने ये जानने की कोशिश की कि भारतीय मीडिया में इसे कैसे कवर किया गया. मुझे लगा कि इस खबर को भारत में ज़रूरत से ज्यादा उछाला गया.

नस्लभेद से ज्यादा मैं इसे गलत व्यवहार कहूँगा.

भारत में कई इलाकों के लोगों के साथ गलत व्यवहार होता है तो क्या वो नस्लभेद नहीं है?

भारत में ये सब चीज़ें चलती हैं और इसे कोई नहीं मानता है.

खर्च

मेरे जैसे व्यक्ति के लिए अपने खर्चों को ध्यान रखना बहुत मुश्किल नहीं है. मैं रहने का 100 डॉलर खर्च करता हूँ. 100 डॉलर खाने पर खर्च होते हैं.

मैं जहाँ काम करता हूँ, वहाँ मुझे 20 डॉलर हर घंटे के लिए मिलते हैं.

मैं एक स्टोर में काम करता हूँ जहाँ मुझे ईबे वेबसाइट पर बेचे जाने वाली चीजों का ब्योरा लिखना होता है और उसे वेबसाइट पर अपलोड करना होता है.

यानी अगर आप दिन में 10 घंटे काम करें तो आप एक दिन में 200 डॉलर कमा सकते हैं.

यहाँ पर रहकर आप अच्छा खासा पैसा बचा सकते हैं जो कि आप भारत में नहीं कर सकते.

मैं किराए के मकान में रहता हूँ और मैने यहाँ पर एक कार ख़रीदी है.

मैं अभी पढ़ाई कर रहा हूँ.

यहाँ पर हर काम को इज्जत की निगाह से देखा जाता है और इस बात की भी कोई परवाह नहीं है कि मैं 32 साल की उम्र में भी पढ़ाई कर रहा हूँ.

मैं यहाँ ऑस्ट्रेलिया में बहुत खुश हूँ. मैं भविष्य में ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता लेना चाहूँगा.

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