ब्रिटेन में क्यों नहीं छपीं प्रिंस हैरी की नग्न तस्वीरें?

 गुरुवार, 23 अगस्त, 2012 को 13:00 IST तक के समाचार
प्रिंस

राजघराने ने यह सुना था कि ब्रिटेन के कई समाचार पत्र इनका इस्तेमाल करने के बारे में सोच रहे हैं.

एक निजी पार्टी में स्मार्ट फोन से खींची गईं प्रिंस हैरी की नग्न तस्वीरों के एक वेबसाइट पर आने के बावजूद ब्रितानी अखबारों में इनके न छपने पर मीडिया की कुछ जानी-मानी हस्तियों ने कहा है कि ब्रिटेन में मीडिया के कामकाज पर चल रही 'जाँच ने उन्हें बेजान बना दिया' है.

सेंट जेम्स पैलेस ने इस बात की पुष्टि की है कि उसने 27 वर्षीय प्रिंस हैरी की नग्न तस्वीरों के बारे में प्रेस कंप्लेंट कमीशन (पीसीसी) से संपर्क किया था.

एक प्रवक्ता ने कहा कि राजघराने को जानकारी मिली कि ब्रिटेन के कई समाचार पत्र इनका इस्तेमाल करने के बारे में सोच रहे हैं. हालाँकि ब्रितानी अखबारों में ये तस्वीरें नहीं छापी हैं.

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उसका मानना था कि लास वेगास के एक होटल के कमरे में ली गई तस्वीरों का इस्तेमाल करना उनकी निजी जिंदगी में दखलअंदाजी होगा.

एक पूर्व संपादक ने कहा कि अखबारों के इन तस्वीरों के इस्तेमाल न करने के फैसले से पता चलता है कि लेवेसन जांच ने उन्हें 'बेजान' बना दिया है. उन्होंने यहाँ तक कहा कि इन तस्वीरों को छापना जनहित में होता.

नग्न अवस्था में बिलियर्ड्स

प्रिंस हैरी और एक युवा महिला की होटल के कमरे की तस्वीरें अमरीका की एक वेबसाइट टीएमजेड में छपी थी.

नेल वालिस

"परेशानी यह है कि लेवेसन के जमाने के बाद समाचार पत्र अपनी परछाई से भी डरे हुए हैं. उनमें वो सब छापने की हिम्मत नहीं है जिसे देख कर देश के अधिकतर लोगों को थोड़ी हंसी आएगी."

सेंट जेम्स पैलेस ने पुष्टि की कि इन तस्वीरों में प्रिंस ही थे और उसने बुधवार को पीसीसी से संपर्क किया था क्योंकि वे प्रिंस की निजी जिंदगी में दखलअंदाजी होने को लेकर चिंतित थे.

ऐसा माना जा रहा है कि यह तस्वीरें कैमरा फोन से ली गई थी जब प्रिंस सप्ताहंत पर अपने दोस्तों के साथ छुट्टी पर गए थे.

टीएमजेड ने दावा किया था कि प्रिंस हैरी उस ग्रुप में शामिल थे, जो नग्न अवस्था में बिलियर्ड्स खेल रहे थे.

अमरीका में छपीं तस्वीरें

अमरीका के मीडिया में यह तस्वीरें छपी हैं लेकिन ब्रिटेन के किसी समाचार पत्र ने इन्हें नहीं छापा है हालांकि ये ब्रिटेन के एक ब्लॉग में छपी हैं.

न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के पूर्व कार्यकारिणी संपादक नेल वालिस ने बीबीसी को बताया कि मीडिया के आचारनीति में लेवेसन जांच से पहले वो इन तस्वीरों को छाप देते लेकिन इस जांच ने प्रेस को 'बेजान' बना दिया है.

वालिस ने कहा, ''यह मजेदार स्थिति है, वो स्थिति जो अखबारो के लिए बहुत बढ़िया है. परेशानी यह है कि लेवेसन के जमाने के बाद समाचार पत्र अपनी परछाई से भी डरे हुए हैं. उनमें वो सब छापने की हिम्मत नहीं है जिसे देख कर देश के अधिकतर लोगों को थोड़ी हंसी आएगी.''

उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों को छापना जनहित में होता.

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