न्यूयॉर्क में गोलीबारी से लोग सकते में

 शनिवार, 25 अगस्त, 2012 को 02:58 IST तक के समाचार

अमरीका के न्यूयॉर्क शहर की मशहूर इंपायर स्टेट बिल्डिंग के पास हुई गोलीबारी में 2 लोग मारे गए हैं और आठ घायल हैं. मरने वालों में हमलावर भी शामिल है.

पुलिस के मुताबिक हमलावर का नाम जेफ़्री जॉनसन था, उसकी उम्र 53 वर्ष थी और वह कपड़ों का डिज़ाईनर था जो इंपायर स्टेट बिल्डिंग के नज़दीक ही एक दुकान में काम करता था.

स्थानीय समयानुसार 34 स्ट्रीट और 5वें एवेन्यू के पास सुबह 9 बजकर 7 मिनट पर फुटपाथ पर हमलावर ने अपने एक साथी को सिर में तीन गोलियां मार दीं.

फिर जब उस हमलावर ने मौके पर पहुंचे पुलिसवालों और आस पास जमा भीड़ पर भी गोलियां चलानी शुरू कर दीं तो दो पुलिसवालों ने उसे गोली मार दी और वह मारा गया.

राहगीर गोली की चपेट में

पुलिस के गोली चलाने से कई राहगीरों को भी गोली लगी है. सभी घायलों को शहर के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. इनमें 2 महिलाएं और 7 मर्द शामिल हैं.

गोली बारी के बाद पुलिस ने पूरा इलाका सील कर दिया गया था.

पुलिस कमिश्नर रेमंड कैली ने कहा,“जब हमलावर ने पुलिसवालों पर गोलियां चलानी शुरू कीं तो पुलिसवालों ने अपनी सुरक्षा के लिए हमलावर को गोली मार दी. इस दौरान कुछ राहगीर लोगों को भी पुलिस की गोलियां लगी हैं. लेकिन अभी जांच जारी है. ”

हमलावर ने 45 बोर की हैंडगन से गोलियां चलाई थीं.

पेशेवर हमलावर नही

पुलिस का कहना है कि हमलावर मैनहैटन का रहने वाला है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. वह एक साल पहले ही इंपायर स्टेट बिल्डिंग के करीब स्थित हज़ान इंपोर्टस नामक एक कपड़े की दुकान में फ़ैशन डिज़ाईनर की नौकरी से निकाला गया था.

इस गोली बारी के बाद मैनहैटन के इस भीड़ भाड़ वाले मिडटाउन इलाके में कई घंटे तक पुलिस ने नोगों के आने जाने पर रोक लगा दी थी और पूरा इलाका सील कर दिया गया था.

पर्यटन केंद्र

इस इलाके में इंपायर स्टेट बिल्डिंग पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण केंद्र होता है. आस पास की दुकानों में भी कपड़ों के और अन्य बड़े बड़े स्टोर मौजूद हैं और पर्यटकों के लिए भी तोहफ़े की भी दुकानें हैं.

अतुल पटेल,दुकानदार

"मेरी दुकान तो खुली थी लेकिन गोली चलने की जगह हमसे एक ब्लाक दूर है. फिर भी हमारी दुकान को पुलिस ने बंद करवाया, पूरा इलाका पुलिस से भरा हुआ था. हमें तो हमेशा खतरा बना रहता है कि इस तरह गोलीबारी हो सकती है क्यूकि यहां तो सभी बंदूक लेकर घूमते रहते हैं. "

इसी तरह की एक दुकान भारतीय मूल के अतुल पटेल की भी है जो गोली चलने के थोड़ी देर बाद ही अपनी दुकान पहंचे.

वह कहते हैं, “मेरी दुकान तो खुली थी लेकिन गोली चलने की जगह हमसे एक ब्लाक दूर है. फिर भी हमारी दुकान को पुलिस ने बंद करवाया, पूरा इलाका पुलिस से भरा हुआ था. हमें तो हमेशा खतरा बना रहता है कि इस तरह गोलीबारी हो सकती है क्यूकि यहां तो सभी बंदूक लेकर घूमते रहते हैं. ”

इसी तरह इंपायर स्टेट बिल्डिंग के सामने की एक बिल्डिंग में काम करने वाले मुकुल कपूर को भी गोलीबारी के बाद बहुत देर तक पुलिस ने बिलडिंग से बाहर नहीं आने दिया.

पुलिस का कहना है कि इस इलाके की हर बिलडिंग पर लगे कैमरों की जांच की जाएगी और मौके पर मौजूद लोगों समेत कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है.

ख़तरे का साया

2001 के ग्यारह सितम्बर के आतंकवादी हमलों के बाद से ही न्यूयॉर्क में रेड एलर्ट सुरक्षा के इंतज़ाम हैं.

लेकिन इलाके के लोगो में खौफ़ पैदा हो गया है.

एक अमरीकी महिला क्रिसटीना का घर इसी गोलीबारी की घटना से नज़दीक है. वह अपने घर से निकलकर घटनास्थल पर पहुंच कर हालात का जायज़ा ले रही थीं.

वह घबराई हुई कहती हैं, “मुझे तो बहुत डर लग रहा है. इस तरह का वाक्या हमारे घर के इतने पास. यहां हमेशा भीड़ भाड़ रहती है, लोग अपने परिवार के साथ घूमते फिरते रहते हैं. हम भी यहां आते जाते रहते हैं. मुझे तो समझ में नहीं आ रहा कि क्या होगा.”

गोलीबारी की घटना के करीब 4 घंटों के बाद पुलिस ने इंपायर स्टेट बिल्डिंग के आस पास के इलाके में लोगो को आने जाने की इजाज़त दे दी. औऱ फौरन इंपायर स्टेट बिल्डिंग के द्वार खोल दिए गए, जिसमें दुनिया भर से आने वाले पर्यटक 102 मंज़िला इमारत के उपर चढ़कर शहर का अद्वभुत नज़ारा देखते हैं.

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