हंगामे-हिरासत के बीच प्रदर्शन हुआ ख़त्म

 रविवार, 26 अगस्त, 2012 को 16:03 IST तक के समाचार
अरविंद केजरीवाल

भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के नेता अरविंद केजरीवाल दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा कर दिए गए हैं.

उन्हें पुलिस ने रविवार दिन में तब हिरासत में ले लिया था जब वो विरोध प्रदर्शन के इरादे से अपने समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निवास स्थान की ओर जा रहे थे.

"हमें हिरासत में लिया जाना पूरी तरह से गैर कानूनी है क्योंकि हमने कोई भी कानून नहीं तोड़ा है. यहाँ तक की धारा 144 भी नहीं"

अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल को बाद में पुलिस दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले गई जहां से कुछ देर के बाद उनकी रिहाई हो गई. उनके साथ टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य गोपाल राय को भी हिरासत में लिया गया था.

गिरफ्तारी के समय अरविंद केजरीवाल ने कहा था, "हमें हिरासत में लिया जाना पूरी तरह से गैर कानूनी है क्योंकि हमने कोई भी कानून नहीं तोड़ा है. यहाँ तक की धारा 144 भी नहीं."

दिल्ली पुलिस का कहना था कि विरोध प्रदर्शन के लिए सिर्फ जंतर-मंतर पर जमा होने की इजाज़त थी.

रविवार के आंदोलन को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से छह मेट्रो स्टोशनों को बंद करने का फैसला किया था. यह स्टेशन हैं – केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, पटेल चौक, रेसकोर्स, जोरबाग और खान मार्केट.

टीम अन्ना के कार्यकर्ताओं ने रविवार को कोयला ब्लॉक आवंटन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कॉंग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और भारतीय जनता पा्र्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के निवास का घेराव करने की घोषणा की थी.

कार्यकर्ताओं को सुबह 10 बजे जंतर मंतर पर जमा होने के लिए कहा गया था.

मतभेद

केजरीवाल, सिसोदिया और कुमार विशवास जैसे टीम अन्ना के सदस्यों का कहना है की कोयला घोटाले में भाजपा कॉंग्रेस दोनों शामिल हैं.

वहीं टीम की एक सदस्य किरण बेदी ने गडकरी के आवास के बाहर प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि वर्तमान परिदृश्य में विपक्षी दलों के पास कोई ताकत नहीं है. इसलिए वो चाहेंगी कि टीम अन्ना को अपना ध्यान सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ ही केंद्रित करना चाहिए.

किरण बेदी का कहना है कि वर्तमान परिदृश्य में विपक्षी दलों के पास कोई ताकत नहीं है.

कांग्रेस नेता जगदंबिका पाल ने कहा अन्ना हज़ारे के आंदोलन को अरविंद केजरीवाल जैसे लोगों ने हाईजैक कर लिया है.

पोस्टर भ्रष्टाचार विरोध

प्रदर्शन के दौरान दोनों मुख्य राजनीतिक दलों - कांग्रेस और बीजेपी को निशाना बनाया गया.

बीजेपी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने इसे राजनीतिक आंदोन क़रार दिया जिसमें उनकी पार्टी को भी निशाना बनाया जा रहा है.

'रोड़े अटकाने की कोशिश'

पहले, मेट्रो स्टेशन बंद करने के मामले पर बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने सवाल पूछा था, ‘क्या कांग्रेस और बीजेपी की रैलियों के दौरान भी ये स्टेशन बंद किए जाते हैं ? क्या इसका अर्थ यह लगाया जाना चाहिए कि राजनीतिक दल और राजनीतिज्ञ देश के लिए खतरा नहीं हैं बल्कि देश के लोग उसके लिए खतरा बन गए हैं ?’

किरण बेदी ने कहा मेट्रो स्टेशन बंद कर सरकार लोगों के जंतर मंतर रैली में आने में रोड़े अटकाना चाहती है, जो कि पूरी तरह से ‘ग़ैर लोकतात्रिक ’ है.

केजरीवाल ने मनमोहन सिंह और नितिन गडकरी के निवासों के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीस गढ़ और उड़ीसा के मुख्यमंत्रियों के आवासों को भी घेरने की धमकी दी थी. उनके अनुसार ये राज्य खनन की दृष्टि से काफी अमीर राज्य हैं और सीएजी की रिपोर्ट में भी इन राज्यों का ज़िक्र किया गया है.

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