एम्सटरडम के कूड़ेदान की चमकती किस्मत

 सोमवार, 27 अगस्त, 2012 को 15:53 IST तक के समाचार
एम्सटरडैम

एमस्टरडम यूरोप के सबसे मशहूर पर्यटक स्थलों में से एक है. हर साल यहां लगभग बीस लाख पर्यटक जाते हैं. शहर में अनूठे संग्रहालय, खूबसूरत नहरें और लुभाने वाली आर्ट गैलरी हैं. लेकिन यहां एक नई जगह आजकल पर्यटकों को लुभा रही है.

ईज नदी के उस पार एमस्टरडम नॉर्थ स्थित है. आमतौर पर यहां कोई आता-जाता नहीं क्योंकि ये जगह अपराधों के लिए कुख्यात रही है. पर अब कम किराया और कलात्मक खोज की संभावनाओं की वजह से कलाकारों की बड़ी भीड़ इस इलाके में जुट रही है.

यांग डोंग क्रिस पत्रकार और लेखक हैं. वो बताते हैं कि एमस्टरडम नॉर्थ में जब उनका जन्म हुआ था, तो यहां कुछ नहीं था. बार नहीं थे, बुक-स्टोर नहीं थे, थिएटर भी नहीं थे.

एम्टरडम फलता-फूलता रहा लेकिन नॉर्थ एम्सटरडम उपेक्षित रहा, जबकि एम्सटरडम से इसकी दूरी ज्यादा नहीं है. सेंट्रल स्टेशन से वहां पहुंचने में बोट में बस दो मिनट लगते हैं.

बदलता इलाका

"यहां मुर्दों को दफन किया जाता है, कूड़ा-कचरा ठिकाने लगाया जाता है, यहां और भी बहुत कुछ होता है जो नहीं होना चाहिए. लेकिन अब बहुत धीरे धीरे यहां चीजें बदल रही हैं."

डोंक क्रिस, पत्रकार

दोनों के दरम्यान बस एक नदी भर नहीं है जो इन दो जिलों को अलग करती है. ऐतिहासिक रूप से ये दोनों जगह भावनात्मक तौर पर भी विभाजित हैं. एम्स्टरडम सुंदर है, भव्य है, कलात्मक है लेकिन यहां का कचरा एमस्टरडम नॉर्थ में फेंका जाता है.

डोंग क्रिस बताते हैं, “यहां मुर्दों को दफन किया जाता है, कूड़ा-कचरा ठिकाने लगाया जाता है, यहां और भी बहुत कुछ होता है जो नहीं होना चाहिए. लेकिन अब बहुत धीरे धीरे यहां चीजें बदल रही हैं."

बढ़ती मांग पूरी करने के लिए एम्सटरडम नॉर्थ में अब तेजी से रिहाइशी इमारतें बन रही हैं. टाउन प्लानर जोस गेडेट कहते हैं कि यहां नदी किनारे उम्दा मकान भी आधी कीमतों पर मिल रहे हैं.

जो लोग एमस्टरडम में मकान नहीं खरीद सकते, वे एमस्टरडम नॉर्थ में खरीद रहे हैं. ऐसी ही दो लड़कियां हैं कोशिलाम और डोनिका वॉसबोन.

उनका कहना है, “हमने यहां घर खरीदा है क्योंकि हम एमस्टरडम में घर नहीं खरीद सकते थे. यहां कम क़ीमत में ज्यादा बड़ा घर मिल गया. यहां तो बागीचे के लिए भी जगह है. निवेश के लिए ये बढ़िया जगह है.”

पर्टयकों की बढ़ती दिलचस्पी

एम्सटरडैम

एम्सटरडैम नहरों का शहर है

यहां पहले डच मल्टीनेशनल तेल कंपनी शेल के ऑफिस हुआ करते थे. क्रिस कुलिमेंस ने इन्हें युवा कलाकारों के जुटने की जगह में तब्दील कर दिया है. ये कलाकार यहां अपनी कला को निखारने की कोशिश कर रहे हैं.

यही वजह है कि दुनियाभर से जो लोग एमस्टरडम घूमने आते हैं, अब वो एम्सटरडम नॉर्थ भी जरूर जाते हैं. एम्सटरडम फिल्म इंस्टीट्यूट भी यहीं हैं जो पर्यटकों को यहां आने का न्योता देता है.

सफेद रंग की इस इमारत को डोंग क्रिस सिडनी के ओपेरा हाउस की तरह बताते हैं. अब जबकि कलाकारों ने इस जगह को अपना बसेरा बना लिया है तो यहां चहल-पहल और गहमागहमी बढ़ना तय है.

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