हार्वर्ड के 'मुन्नाभाई बीए' जाँच के घेरे में

 शुक्रवार, 31 अगस्त, 2012 को 11:00 IST तक के समाचार

हार्वर्ड विश्वविद्यालय दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में गिना जाता है

हार्वर्ड विश्वविद्यालय में उन छात्रों की जांच की जा रही है, जिन पर परीक्षा में एक दूसरे की नकल करने का आरोप है.

स्नातक की परीक्षा के दौरान क़रीब 125 छात्रों पर नकल करने का संदेह है.

इस कक्षा में कुल 250 छात्र परीक्षा दे रहे थे. यानी क़रीब आधे छात्र नकल रहे थे.

अगर नकल करने संबंधी ये आरोप साबित हो जाते हैं, तो ये ‘इवी लीग’ नाम ले मशहूर अमरीका के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में इस तरह का सबसे बड़ा वाकया होगा.

समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक़ नकल करने का संदेह तब पैदा हुआ, जब परीक्षा में पूछे गए कई सवालों के जवाब इन सभी छात्रों में लगभग एक जैसे लिखे पाए गए.

विश्वविद्यालय ने फिलहाल ये नहीं बताया कि है कि ये छात्र किस कोर्स या फिर किस कक्षा से संबंधित थे.

सजा

एजेंसी के मुताबिक़ नकल करने का आरोप साबित होने पर इन छात्रों को आरंभिक चेतावनी से लेकर एक साल के लिए विश्वविद्यालय से निकालने तक का दंड मिल सकता है.

"यदि ये आरोप साबित होते हैं तो ये बहुत गंभीर मसला होगा जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. क्योंकि ये हार्वर्ड विश्वविद्यालय के बौद्धिक स्तर के साथ विश्वासघात होगा, जिसके लिए ये विश्वविद्यालय जाना जाता है."

डियू फ्रास्ट, अध्यक्ष, हार्वर्ड विश्वविद्यालय

विश्वविद्यालय के अध्यक्ष ड्रियू फॉस्ट का कहना है, “अगर ये आरोप साबित होते हैं तो ये बहुत गंभीर मसला होगा जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. क्योंकि ये हार्वर्ड विश्वविद्यालय के बौद्धिक स्तर के साथ विश्वासघात होगा, जिसके लिए ये विश्वविद्यालय जाना जाता है.”

विश्वविद्यालय के अंडरग्रेजुएट शिक्षा के डीन जे हैरिस ने इस बात पर जोर दिया है कि हार्वर्ड में बड़े पैमाने पर नकल करने का कोई प्रमाण नहीं है.

उन्होंने कहा, “हमारे सामने जो भी तथ्य आए हैं, उनसे पता चलता है कि इस विशेष कोर्स में कोई दिक्कत है.”

जे हैरिस का कहना था कि उन छात्रों को और उन्होंने जो किया, उसे देखते हुए मुझे ये कहने में दुख होगा कि ये कुछ ऐसा है जो हार्वर्ड के विद्यार्थियों में अक्सर देखा जा सकता है.

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