भारतीय भी कर सकेंगे पाकिस्तान में निवेश: आनंद शर्मा

 मंगलवार, 4 सितंबर, 2012 को 20:05 IST तक के समाचार

वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने पाकिस्तानी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की.

भारत के वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि भारत के व्यापारी और उद्योगपति जल्दी ही पाकिस्तान में निवेश कर सकेंगे.

पाकिस्तान से आए सांसदों के एक दल को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "क्या भारत की ओर से पाकिस्तान में निवेश की इजाजत दी जाएगी? जवाब है - हाँ."

उन्होंने कहा, "मुझे बताया गया है कि अब ये सिर्फ प्रक्रियागत मामला है जिसे कुछ ही दिनों में सुलझा लिया जाएगा. अब निवेश दोनों ओर से शुरू हो जाएगा. ये व्यापार नहीं बल्कि निवेश होगा."

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कुछ ही हफ्तों में तीन महत्वपूर्ण मुद्दों पर समझौते पर दस्तखत कर दिए जाएँगे -- कस्टम सहयोग, व्यापार संबंधी शिकायतों का निपटारा और एक दूसरे के प्रमाण पत्रों को मानना.

ये कार्यक्रम उद्योग परिसंघ फिक्की और जिन्ना इंस्टीट्यूट की ओर से आयोजित किया गया था.

दिल्ली के एक पाँच सितारा होटल के अँग्रेजीदाँ माहौल को पलीता लगाते हुए पाकिस्तान के मुतहिद्दा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के सांसद हैदर अब्बास रिज़वी ने अपनी बात की शुरुआत पाकिस्तान और हिंदुस्तान की साझा ज़बान से की.

"आप चाहे अपने देश में उसे हिंदी कह लीजिए और हम अपने वतन में उसे उर्दू कहें. बात एक ही है. इसलिए आज मैं चाहता हूँ कि मैं आज अपनी बात आपके सामने हम दोनों की (मादरी-जबान) मातृभाषा में रखूँ."

एमक्यूएम सांसद, हैदर अब्बास रिज़वी

उन्होंने कहा, “आप चाहे अपने देश में उसे हिंदी कह लीजिए और हम अपने वतन में उसे उर्दू कहूँ. बात एक ही है. इसलिए मैं चाहता हूँ कि आज मैं अपनी बात आपके सामने हम दोनों की मादरी-जबान (मातृभाषा) में रखूँ.”

शायराना अंदाज

उन्होंने भारत और पाकिस्तान के नाजुक संबंधों को वसीम बरेलवी के एक शेर के जरिए समझाया:

हादसे की ज़द पे हैं तो मुस्कुराना छोड़ दें,

ज़लज़ले के खौफ से क्या घर बनाना छोड़ दें?

हैदर अब्बास रिजवी ने कहा कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान के लोगों की हालत ये है कि दोनों एक दूसरे पर शक भी करना चाहते हैं और आगे भी बढ़ना चाहते हैं. खतरे भी समझते हैं फिर भी आगे जाना चाहते हैं और यही जज़्बा हिंदुस्तान और पाकिस्तान को आगे ले जाएगा.

उन्होंने कहा, "भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद रुकना नहीं चाहिए, चाहे कोई घटना हो या कोई रुकावट आए. हमारे सचिव, विदेशमंत्री और प्रधानमंत्री मिल रहे हैं, उन्हें बातचीत आगे बढ़ानी चाहिए."

बलोचिस्तान के सांसद सैफुद्दीन मगसी प्रतिनिधिमंडल के सबसे नौजवान सदस्य हैं.

भारत के केंद्रीय वाणिज्यमंत्री आनंद शर्मा ने भी रिजवी की बात का समर्थन करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान की ज़बान एक है और संस्कृति एक है. उन्होंने कहा, “बाहर के देशों के लोगों को ये पता नहीं चलता कि कौन हिंदुस्तानी है और कौन पाकिस्तानी. जब हम बाहर मिलते हैं तो एक ज़बान में बात करते हैं.”

उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सरकार वीज़ा नियमों को आसान बनाने पर सहमत हैं और इस पर जल्द ही दस्तखत कर दिए जाएँगे.

नए कदम

आनंद शर्मा ने कहा कि भारत सरकार लोगों के सरहद के आर-पार आने जाने का समर्थन करती है – चाहे खिलाड़ी हों, संस्कृतिकर्मी हों या फिर टूरिस्ट हों.

उन्होंने कहा कि हम व्यापारियों को लंबे समय तक के लिए बिजनस वीजा देने के हामी हैं. इस पर दस्तखत होने बाकी हैं.

वाणिज्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जल्दी ही इन समझौतों पर कुछ ही हफ्तों में दस्तखत हो जाएँगे.

उन्होंने कहा कि इसमें कुछ देर जरूर हुई क्योंकि प्रशासनिक अधिकारी बदले हैं. वाणिज्य सचिव बदले हैं. उन्हें तीन महीने पहले ही मुलाकात करनी थी. पर अब मुझे बताया गया है कि भारतीय विदेशमंत्री की पाकिस्तान यात्रा के बाद ही वो मिल पाएंगे.

पाकिस्तान से आए सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सईद गनी, नवाबजादा सैफुल्लाह मगसी, रूबीना ख़ालिद, मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट के हैदर अब्बास रिज़वी और अब्दुल रशीद गोदिल के अलावा आवामी नेशनल पार्टी के भी प्रतिनिधि मौजूद हैं.

इनमें सैफुल्लाह मगसी शायद प्रतिनिधिमंडल के सबसे कम उम्र नौजवान हैं. उन्होंने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि दोनों देशों की नौजवान पीढ़ी अब ये समझने लगी है कि इतिहास की घटनाओं की कैद में रहना ठीक नहीं है.

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