ईशनिंदा में गिरफ्तार रिमशा रिहा

 शनिवार, 8 सितंबर, 2012 को 20:17 IST तक के समाचार
ईशनिंदा

एक पाकिस्तानी मंत्री ने बताया कि उसे हेलिकॉप्टर से एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है.

पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार की गई ईसाई लड़की रिमशा को जेल से रिहा कर दिया गया है. एक मंत्री ने यह जानकारी दी है.

इससे पहले शुक्रवार को गिरफ्तारी के तीन हफ्ते बाद उसे जमानत दी गई थी. जज मोहम्मद आजम खान ने रिमशा मसीह की जमानत पर रिहाई का आदेश दिया था. माना जाता है कि रिमशा की उम्र 14 साल है.

रिमशा मसीह को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था. उस पर पवित्र कुरान के पन्ने और संबंधित धार्मिक किताबें जलाने का आरोप लगाया गया था.

उसके थैले से कुछ जले हुए पन्ने मिले थे लेकिन बाद में एक मुसलमान मौलवी खालिद चिश्ती को उसी इलाके से गिरफ्तार किया गया था.

मौलवी खालिद चिश्ती पर आरोप है कि उन्होंने कुरान के जले हुए पन्ने रिमशा के थैले में डाले थे और कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने इसकी पुष्टि की है.

इस पूरे मामले पर पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून के दुरुपयोग के बारे में खासी बहस छिड़ी हुई है.

दो मुचलके

समाचार एजेंसी एएफपी ने कहा कि लड़की के वकील के अनुसार उसे दो मुचलकों पर रिहा किया गया. अदालत में दोबारा हाजिर होने का आश्वासन देने के बाद रिमशा को जमानत दी गई.

एक पाकिस्तानी मंत्री ने बताया कि उसे हेलिकॉप्टर से एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है जहां उस का परिवार उससे मिला.

पाकिस्तान में ईशनिंदा ऐसा जुर्म है जिसके मामले में जमानत नहीं मिलती है.

रिमशा को 16 अगस्त से खासी सुरक्षा वाली जेल में रखा गया था. फिलहाल उसकी उम्र और मानसिक क्षमता के बारे में विरोधाभासी रिपोर्टें आ रही हैं.

उसके माता-पिता को भी सुरक्षा कारणों से किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है.

इस्लामाबाद के पास स्थित रिमशा के गाँव से अनेक ईसाई परिवार भयभीत होकर पलायन कर चुके हैं.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.