ओसामा को ज़िंदा पकड़ा जा सकता था?

 सोमवार, 10 सितंबर, 2012 को 11:21 IST तक के समाचार

ओसामा बिन लादेन की हत्या के तथ्य अब भी विवादित हैं.

क्या ओसामा को ज़िंदा पकड़ा जा सकता था? या अपनी जान बचाने के लिए उन्हें मारना अमरीकी लड़ाकों की मजबूरी थी?

क्लिक करें ओसामा के खिलाफ अंतिम अभियान में शामिल एक नेवी सील ने उस दिन के घटनाक्रम की नई जानकारी देकर इन सवालों को फिर उठा दिया है.

अमरीकी चैनल सीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में नेवी सील क्लिक करें मैट बिसोनेट ने कहा कि उनके दल को ओसामा को मारना पड़ा क्योंकि सिर में गोली लगने के बावजूद उनके हाथ में हथियार होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था.

हालांकि पेंटागन के मुताबिक ओसामा की गोली मारकर हत्या तभी की गई थी जब वो खुद को बचाने के लिए भाग रहे थे.

जिंदा पकड़ने में खतरा

"लादेन के हाथ पीछे छुपे थे और ये कहा नहीं जा सकता था कि उन्होंने कोई हथियार तो नहीं छुपाया हुआ."

मैट बिसोनेट, अमरीकी नेवी सील

रविवार को दिखाए गए साक्षात्कार में बिसोनेट ने कहा कि लादेन को पहली गोली तब लगी जब एक नेवी सील को कमरे से झांकते हुए किसी का सिर दिखा.

बिसोनेट के मुताबिक जब वो और एक अन्य नेवी सील कमरे के नज़दीक पहुंचे तो उन्होंने क्लिक करें लादेन को कमरे के फर्श पर देखा.

वो झांकता सर लादेन का था और गोली सीधा उनके सर में लगी थी.

बिसोनेट ने कहा, “लादेन के हाथ पीछे छुपे थे और ये कहा नहीं जा सकता था कि उन्होंने कोई हथियार तो नहीं छुपाया हुआ, इसीलिए उन्हें ज़िंदा पकड़ने की जगह उन पर फिर गोलियां दागी गईं और जान से मार दिया गया.”

भयानक हालत

मार्क ओवेन के छद्म नाम से छपी नेवी सील की किताब.

उन्होंने कहा कि ये उनके लिए अजीब था कि वो शख्स जिसके मकसद के लिए कई लोगों ने अपनी जान दी और 9/11 जैसे हमले में सैकड़ों की जान ली, उसने खुद को बचाने के लिए कुछ नहीं किया.

बिसोनेट ने अपने साक्षात्कार में बताया कि ओसामा बिन लादेन को मारने के बाद उन्होंने उसकी तस्वीरें लीं.

उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों का साफ होना बहुत ज़रूरी था इसलिए उन्होंने हर दिशा से लादेन की तस्वीर खींची.

बिसोनेट के मुताबिक, “लादेन को सर में गोली लगी थी, जिस वजह से उनका चेहरा बहुत भयानक लग रहा था, मेरे एक सहयोगी के पास पानी था तो हमने लादेन का मुंह धोकर पहले साफ किया और फिर तस्वीरें लीं. ”

पेंटागन की धमकी

इस साक्षात्कार से कुछ ही दिन पहले बिसोनेट ने एक छद्म नाम, मार्क ओवेन, से किताब लिखी थी.

क्लिक करें ‘नो ईज़ी डे’ नाम की इस किताब में भी ओसामा की मौत से जुडा ब्यौरा आधिकारिक जानकारी से मेल नहीं खाता.

किताब के जारी होने के बाद पेंटागन के अधिकारियों ने गुप्त जानकारी सार्वजनिक करने के आरोप में बिसोनेट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी है.

ये साक्षात्कार किताब के छपने और धमकी दिए जाने के कुछ दिन बाद दिया गया है.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.